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मार्च से घर-घर भेजा जाएगा राशन

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नई दिल्ली। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि मार्च से दिल्ली में राशन की होम डिलीवरी शुरू की जाएगी। इसके बाद दिल्ली वासियों को राशन लेने के लिए लंबी लाइनें लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सरकार उनके घर राशन भेजेगी। केजरीवाल सोमवार को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली सचिवालय में आयोजित ध्वजारोहण समारोह में बोल रहे थे। इस मौके पर कोरोना काल के कार्यों पर केजरीवाल ने अपनी सरकार की पीठ थपथपाई।
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मार्च तक राशन घर भेजना चालू कर दिया जाएगा, जिसके बाद लोगों को राशन की दुकान पर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आपको 25 किलो गेहूं और 10 किलो चावल मिलना है, तो 25 किलो की पैकिंग में साफ-सुथरा गेहूं या आटा और 10 किलो चावल की एक बोरी बनाकर घर पहुंचा दी जाएगी। लोगों को किसी दुकानदार के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। कहीं पर लाइनों में लगने की जरूरत नहीं होगी। पूरी शासन व्यवस्था को बदलने के लिए यह अपने आप में बहुत ही बड़ा क्रांतिकारी कदम होगा।
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि झुग्गी वालों को मकान देने की हमारी योजना बहुत तेजी से चल रही है। उनके लिए कई मकान बन चुके हैं। लोगों से इस मामले में सहयोग मांगते हुए केजरीवाल ने कहा कि कहीं-कहीं पर झुग्गी में रहने वाले लोग फ्लैट में शिफ्ट होने से थोड़ा कतराते हैं। ऐसे लोगों से गुजारिश है कि झुग्गी में आपकी जिंदगी, कोई अच्छी जिंदगी नहीं है। दिल्ली सरकार अच्छे फ्लैट बनाकर दे रही है। सब लोग फ्लैट में शिफ्ट हों, इससे जिंदगी बेहतर हो जाएगी।
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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछला साल सबके लिए बहुत मुश्किल रहा, जब हम सब लोग इस महामारी से जूझ रहे थे। दिल्ली ने कोरोना की महामारी का प्रचंड रूप देखा। 11 नवंबर को दिल्ली में एक दिन में लगभग 8.5 हजार कोरोना के मरीज मिले। विश्व के किसी और शहर में इतने ज्यादा मरीज कहीं नहीं मिले, बावजूद इसके दिल्ली का हेल्थ सिस्टम ध्वस्त नहीं हुआ, जबकि अमेरिका केे शहर न्यूयार्क में अप्रैल के पहले हफ्ते में 6300 मरीज मिलने पर वहां के अस्पतालों के बाहर सड़कों पर लाइनें लगी हुई थीं। पूरा सिस्टम ध्वस्त हो गया था।
केजरीवाल ने कहा कि कोरोना काल में हर महीने एक करोड़ लोगों को राशन दिया, 1.56 लाख चालकों को 5-5 हजार और निर्माण मजदूरों को 10-10 हजार रुपये दिए। दिल्ली ने कोरोना काल के दौरान देश और दुनिया को होम आइसोलेशन व प्लाज्मा थेरेपी दी है। दिल्ली सरकार ने निजी अस्पतालों को भरोसे में लेकर आदेश जारी किए और सभी ने मिलकर दिल्ली के लोगों की सेवा की। दिल्ली सरकार ने कोरोना योद्धाओं को एक-एक करोड़ रुपये की सहयोग राशि दी। कोरोना काल में भी पानी और बिजली मुफ्त देना बंद नहीं किया। वहीं, पुलिस और जवानों की शहादत पर एक-एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने का फैसला किया, पहले की सरकारों ने इन पर ध्यान नहीं दिया।
केजरीवाल ने कहा कि इस साल के अंत तक दिल्ली में रहने वाले हर एक नागरिक के लिए हम हेल्थ कार्ड जारी करने जा रहे हैं। इसकी शुरुआत सरकारी अस्पतालों से करेंगे। यह हेल्थ कार्ड ऐसा होगा कि आप किसी भी अस्पताल में उस कार्ड को लेकर जाइए, आपका एक हेल्थ आईडी होगा, आपको कोई पर्ची ले जाने की जरूरत नहीं है। अस्पताल में जाने पर लाइन नहीं लगानी पड़ेगी। डॉक्टर से ऑनलाइन या फोन पर मिलने का समय मिलेगा। सरकारी अस्पतालों से शुरू कर उसमें सभी मोहल्ला क्लीनिक, सभी पॉलीक्लिनिक, और डिस्पेंसरियों को जोड़ा जाएगा। उसके बाद सारे निजी अस्पतालों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। हमारा हेल्थ मैनेजमेंट इंफार्मेशन सिस्टम इस साल के अंत तक बनकर तैयार हो जाएगा।
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