अतिथि शिक्षकों से 12 अप्रैल तक काम
करने का शपथ पत्र भरवा रहे स्कूल
- अतिथि शिक्षकों के मामले की 12 अप्रैल को अदालत में होगी सुनवाई
- सरकारी स्कूलों के 22 हजार अतिथि शिक्षक एक माह से हैं धरने पर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सरकारी स्कूलों के 22 हजार अतिथि शिक्षकों को कहीं से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है। स्कूल अब उनसे 12 अप्रैल तक काम करने का शपथ पत्र भरवा रहे हैं। हालांकि अभी इसकी शुरुआत एक स्कूल से हुई है। शिक्षकों ने इस पर आपत्ति जताई है। दरअसल, अतिथि शिक्षकों के मामले की सुनवाई 12 अप्रैल अदालत में होनी है। वहीं, सोमवार को इन शिक्षकों के आंदोलन को पूरा एक माह हो गया। शिक्षक 60 साल की पॉलिसी की मांग को लेकर बीते एक माह से धरने पर हैं। वहीं, अब उन्होंने सड़कों पर लोगों से समर्थन मांगना शुरू कर दिया है।
दिल्ली सरकार के एक सरकारी स्कूल ने एक प्रारूप तैयार किया है, अतिथि शिक्षकों को इस शपथ पत्र को भरने के लिए कहा गया है। प्रारूप के मुताबिक, कोर्ट का जो भी निर्देश आएगा उसे मानेंगे। साथ ही निर्देश के अनुसार ही 12 अप्रैल तक ही अपना वेतन ले सकेंगे। ऑल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन के सदस्य शोएब राणा ने इसे गलत बताते हुए आपत्ति जताई है। बीती 28 फरवरी को अतिथि शिक्षकों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद शिक्षक अलग-अलग जगह पर धरना दे रहे हैं। पहले उन्होंने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के आवास पर धरना दिया। सरकार ने इस मामले पर कैबिनेट बैठक में प्रस्ताव पास कर उपराज्यपाल को भेज दिया था। शिक्षक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ उपराज्यपाल से भी मुलाकात करने गए थे। वहां उन्हें मामला न्यायालय में होने के कारण राहत नहीं मिल सकी थी। तब से वह प्रदेश भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।