डीयू में शिक्षकों की नियुक्तियां फिर लटकी
- ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर कॉलेजों को भेजा गया सर्कुलर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति प्रक्रिया एक बार फिर से टल गई है। दरअसल, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए मिले 10 फीसदी आरक्षण की वजह से शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पर ग्रहण लग गया है। लगातार टलती जा रही भर्ती प्रक्रिया के कारण तदर्थ शिक्षकों की संख्या पांच हजार से ज्यादा हो गई है। शिक्षक सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके स्थान पर तदर्थ नहीं, बल्कि अतिथि शिक्षकों को लगाया जा रहा है।
दिल्ली विश्वविद्यालय अकादमिक काउंसिल के पूर्व सदस्य प्रो हंसराज ने बताया कि हाल में ही आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने संबंधी डीओपीटी का सर्कुलर आया है। इसमें कहा गया कि इसे लागू करते हुए शैक्षिक व गैर शैक्षिक पदों को भरा जाए। इसी सर्कुलर के आधार पर डीयू के उप कुलसचिव (भर्ती) ने विभागों और कॉलेजों को सर्कुलर जारी कर आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग संबंधी नीति को ध्यान में रखकर उसे सीधी भर्ती में एक फरवरी 2019 से लागू करने का आदेश पारित किया है। ईडब्ल्यूएस कोटे को ध्यान में रखते हुए विभागों-कॉलेजों को एक नया रोस्टर बनाने की जरूरत होगी।
आरक्षण रोस्टर के अनुसार, एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस की सीधी भर्ती हेतु आरक्षण रोस्टर को पुन: संशोधित करके सार्वजनिक रूप से प्रकाशित करना होगा। उन्होंने कहा कि कॉलेजों व विभागों को सर्कुलर के आधार पर रोस्टर को रिकास्ट करके डीयू के एससी, एसटी और ओबीसी के लाइजन ऑफिसर से पास कराकर पदों को विज्ञापित किया जाए। उन्होंने कुलपति से जल्द रोस्टर रिकास्ट कर स्थायी नियुक्तियों की मांग की है। रोस्टर रिकास्ट होने के बाद जिन पदों की पहले स्क्रीनिंग और स्क्रूटनी होकर लिस्ट बन चुकी है, उसका जल्द से जल्द कॉरिजेंडम निकाला जाए।