तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान संगठनों के आंदोलन को मंगलवार को 11 महीने पूरे हो गए। इस मौके पर आंदोलित किसान संगठन प्रदर्शन करेंगे और राष्ट्रपति को संबोधन ज्ञापन जिला मजिस्ट्रेट को भेजेंगे।
कृषि कानूनों को निरस्त करने, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित दूसरी मांगों के समर्थन में किसानों के आंदोलन के 11 महीने पूरे मंगलवार को पूरे हो जाएंगे। संयुक्त किसान मोर्चा ने इस मौके पर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के दौरान पर विरोध जताने का निर्णय लिया है।
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लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री की गिरफ्तारी और मंत्रिपरिषद से बर्खास्तगी की मांग को दोहराते हुए मोर्चा ने किसानों से धरना विरोध में बढ़ चढ़कर शामिल होने की अपील की है। इसी मांग के समर्थन में राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन भी जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से भेजे जाएंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन के समर्थक दर्शन सिंह धालीवाल को शिकागो से आने के बाद भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दिए जाने पर आपत्ति जताई है। उन्हें देश में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई और वापस भेज दिया गया। एसकेएम ने इसे सरकार का अलोकतांत्रिक बताते हुए इसकी निंदा की है।