नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी संजीव कुमार मावी को गिरफ्तार किया है। आरोपी साथियों के साथ मिलकर सैकड़ों पीड़ितों से 1.75 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली व गाजियाबाद में साठ से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार के अनुसार, शाखा की आईजीआईएस में तैनात इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की टीम को संजीव कुमार मावी के बारे में सूचना मिली थी। 29 जनवरी को सूचना मिली कि आरोपी संजीव नोएडा के सेक्टर-134 में आएगा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बाहरी दिल्ली के रणहौला मामले में दर्ज एफआईआर में दिल्ली पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था।
पूछताछ के दौरान मूलरूप से मेरठ निवासी संजीव ने खुलासा किया कि उसने सहयोगियों के साथ मिलकर दिल्ली-एनसीआर में 2016-17 में लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लैट दिलाने के बहाने पीड़ितों से ठगी की। उसने पवन भड़ाना (जीजा) और साथी रवि शुक्ला के साथ विभिन्न शेल फर्म/कंपनियां संपदा रीयलकॉन प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीमलैंड हाई-टेक प्रोजेक्ट्स प्रा.,ड्रीमलैंड म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीमलैंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड, एसपी प्रॉप्स प्राइवेट लिमिटेड और एएमबी इंफ्रास्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनियां बनाई थीं। इसने ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड नामक फर्जी रियल एस्टेट फर्म के तहत ‘द विलो लक्जरी अपार्टमेंट’ नामक परियोजना शुरू की। गाजियाबाद में एनएच-24 स्थित सोसाइटी क्रॉसिंग रिपब्लिक में प्रति व्यक्ति करीब सवा लाख रुपये जमा करवाए और 1.75 करोड़ ठगने के बाद भाग गए।