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एक अदद सरकारी घर के लिए भटकती रहीं जोहरा

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भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित जोहरा सहगल को जीवन के अंतिम समय तक दिल्ली में एक अदद सरकारी मकान नहीं मिला।
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उन्होंने खराब स्वास्थ्य और लंबी उम्र का हवाला देते हुए उपराज्यपाल से लेकर राष्ट्रपति तक को पत्र लिखा, लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया।

जोहरा की बेटी किरण सहगल ने बताया कि मां की खराब तबियत और उम्र की वजह से दिल्ली में ग्राउंड फ्लोर पर सरकारी मकान के लिए कई पत्र लिखे गए, लेकिन सरकार की ओर से इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किया गया।

एक सप्ताह पहले राष्ट्रपति को भेजा था पत्र

सबसे पहले उन्होंने कला एवं संस्कृति मंत्रालय को पत्र लिखा। इसी साल फरवरी में उन्होंने उपराज्यपाल नजीब जंग को भी सरकारी मकान के लिए पत्र लिखा। जब कहीं से कोई सुनवाई नहीं हुई, तब एक सप्ताह पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से सरकारी मकान दिलाने का आग्रह किया गया।

ओडिसी नृत्यांगना किरण सहगल ने बताया कि उन्हें भी पद्म श्री सम्मान मिला हुआ है। उनकी मां जोहरा सहगल को वर्ष-2010 में पद्म विभूषण मिला था।

भारत में कई ऐसे जाने-माने कलाकार हैं, जिन्हें सरकार की ओर से आवास मिला हुआ है। इसी कारण जरूरत के अनुसार सरकारी मकान की मांग की गई थी।
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सरकार की अनदेखी ने रुलाया!

उन्होंने कहा कि सरकार से कोई बंगला नहीं मांगा था। एक अदद ग्राउंड फ्लोर का फ्लैट मांगा था, जो सरकार नहीं दिला पाई। वो स्वयं मंदाकिनी अपार्टमेंट की दूसरी मंजिल पर रहती हैं।

उनके ही मकान में जोहरा तीसरी मंजिल पर रहती थीं। उनके पैर के घुटने का ट्रांसप्लांट हुआ था और तबियत भी ठीक नहीं रहती थी।

उन्होंने बताया कि अगर ग्राउंड फ्लोर पर मकान मिल जाता तो उन्हें व्हील चेयर पर बैठाकर पार्क में ले जाया जा सकता था, लेकिन सरकारी उदासीनता की वजह से ऐसा संभव नहीं हो सका।
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