खुद के एक्सपोजर के लिए हाईटेक युग में बढ़ता सेल्फी का क्रेज औद्योगिक शहर के युवाओं को नार्सिस्टिक डिसॉर्डर का शिकार बना रहा है। फरीदाबाद में 10 में से दो युवा इसके शिकार हैं।
चौकाने वाली बात तो ये है कि युवाओं में लडकियां इसकी गिरफ्त में ज्यादा है। इसमें बरती गई अनदेखी उन्हें नार्सिस्टिक के साथ ही डिप्रेसिव डिसॉर्डर की गिरफ्त में भी ले रहा है।
नार्सिस्टिक और डिप्रेसिव डिसॉर्डर की गिरफ्त में लड़कियों का प्रतिशत ज्यादा है। वजह खुद को बेहतर दिखाने और सबसे अलग दिखकर वह लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनना चाहती हैं।
हेयर स्टाइल, ड्रेस, फैशन आदि पर वह लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया चाहती हैं। ऐसा नहीं होने पर वह उससे बेहतर करने की कोशिश करती हैं। इस दौरान पाजिटिव कमेंट आ गया तो ठीक नहीं तो वह फिर से निगेटिव कमेंट के कारण डिप्रेशन में आ जाती हैं।
सेल्फी का बढ़ता क्रेज आपको आगे चलकर बढ़ा नुकसान दे सकता है।