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कमरे में बैठ रहे 'भगवान': बाहर तड़प-तड़पकर मरीज ने तोड़ा दम, घायल युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे थे परिजन

Sat, 06 Jan 2024 08:15 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद जिले में एक युवक सड़क हादसे में घायल हो गया। इसके बाद परिजन उसे लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां उसे सही समय पर इलाज नहीं मिला सका। डॉक्टर हीटर लगे कमरे में आराम करते रहे और बाहर मरीज ने तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। 
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मृतक युवक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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छतारी थाना क्षेत्र के शेखूपुर गांव के पास शुक्रवार रात क्रेन ने सड़क पार कर रहे नीरज (25) को टक्कर मार दी। इस दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक को उसके परिजन व साथी दानपुर सीएचसी लेकर पहुंचे तो वहां कोई स्वास्थ्यकर्मी नहीं मिला। ऐसे में उसने वहीं दम तोड़ दिया। डॉक्टर को एक भगवान की तरह माना जाता है, लेकिन गाजियाबाद में हुई इस घटना ने सभी झकझोर कर रख दिया है। 

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जानकारी के अनुसार, करीब ढाई घंटे बाद हीटर लगे कमरे में से स्वास्थ्यकर्मी बाहर आए। स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही के चलते परिजन व ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और विरोध जताया। मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं। इसमें सीएचसी के सभी कक्ष खाली दिख रहे हैं और परिजन रोते हुए उपचार करने की मांग कर रहे हैं।
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छतारी थाना क्षेत्र की पंड्रावल पुलिस चौकी प्रभारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि मूलरूप से अलीगढ़ जनपद के पला साहिबाबाद निवासी नीरज पुत्र जगदीश छतारी के शेखूपुर गांव में रहने वाले अपने मामा के यहां रहता था। शुक्रवार शाम को अलीगढ़ से छतारी आ रहा था। पंड्रावल दोराहे से वह पैदल गांव की ओर आ रहा था, तभी क्रेन ने उसको टक्कर मार दी। पुलिस और परिजन घायल नीरज को सीएचसी लेकर पहुंचे। मृतक के मामा राजेंद्र ने बताया कि जब सीएचसी पहुंचे तो सारी कमरे खाली थे। इमरजेंसी में भी कोई नहीं था। नीरज तड़प रहा था, लेकिन उपचार नहीं मिल रहा था। दो घंटे तक दरवाजे पीटते रहे कोई नहीं आया। दो घंटे के बाद सोकर उठकर आए स्वास्थ्यकर्मी ने नीरज को मृत घोषित कर दिया।

छतारी थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी चालक क्रेन को छोड़कर भाग गया है। क्रेन को जब्त कर लिया गया और पीएम जांच के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में शनिवार शाम को तहरीर मिली है। इसमें जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।  चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नवल किशोर ने बताया कि रात 8:59 पर मृतक सीएचसी पर आया था। उस समय डॉ. प्रणय मिश्रा की ड्यूटी थी। वह वहीं मौजूद थे। नीरज पहले से मृत था।
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वहीं, सीएमओ डॉ. विनय कुमार सिंह ने बताया कि यह संभव नहीं है कि दो घंटे तक चिकित्सक नहीं आए। एक या दो मिनट की देरी हो सकती है। इतने समय की देरी कहना गलत है। वीडियो में कुछ भी कहा जा सकता है।

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