एनआईटी-2 स्थित मॉल ऑफ फरीदाबाद में चाकूबाजी की घटना के आरोपी दलित युवक की सोमवार सुबह पुलिस हिरासत में मौत हो गई। सेक्टर-64 क्राइम ब्रांच की लॉकअप में रविवार शाम से युवक था। परिजन ने पुलिस पर थर्ड डिग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया। जिला अस्पताल की मोर्चरी में युवक का शव पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। युवक के परिजन ने पुलिस कार्रवाई का विरोध किया है।
एनआईटी-2 स्थित मॉल ऑफ फरीदाबाद में शुक्रवार रात आए दो दोस्तों के बीच चाकू चल गए थे। गांव गाजीपुर निवासी हरीश (34) और इसी के मकान में परिवार सहित रहने वाले अमित कोरी (27) पुत्र ग्यासी कोरी शुक्रवार शाम एनआईटी-2 मॉल में ऑल्टो कार से घूमने आए थे। एक घंटे तक मॉल में घूमने के बाद दोनों बेसमेंट वन में खड़ी कार से जाने के लिए आए। इस दौरान दोनों के बीच कुछ पैसों को लेकर बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों के बीच ही चाकू चल गए। हमले में हरीश की गर्दन और हाथ पर चाकू से वार हुए। वहीं, अमित के पेट में चाकू लगा है।
हमले में हरीश गंभीर रूप से घायल था, उसका निजी अस्पताल की आईसीयू में उपचार हो रहा है। हमले में कम घायल अमित को पुलिस ने शनिवार को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच पुलिस ने हिरासत में लिया था। हिरासत के दौरान सोमवार को अमित की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की थर्ड डिग्री से अमित की मौत हो गई। सोमवार सुबह अमित के शव को जिला अस्पताल परिसर की मोर्चरी में रखा गया है। हरीश के परिजन ने पुलिस पर मारपीट करने से मौत होने का आरोप लगाया है।
गाजीपुर में हरीश की जमीन पर किराये पर रहता है अमित का परिवार
मूलरूप से पलवल के रैदास गांव निवासी ग्यासी कोरी हरीश के परिजन की जमीन पर गाजीपुर में पिछले सात आठ वर्ष से रह रहे हैं। ग्यासी, अमित और सुमित अलग-अलग निजी कंपनियों में नौकरी करते हैं।
छोटे भाई सुमित के सामने की पिटाई
पुलिस ने चाकूबाजी की घटना के आरोपी अमित के भाई सुमित को भी उसके घर गाजीपुर गांव से उठा लिया था। सुमित ने परिजन को बताया कि उसके सामने ही क्राइम ब्रांच पुलिस अमित के कपड़े उतरवाकर पीट रही थी। चाकूबाजी में अमित के पेट में भी चाकू लगा था। पिटाई में उसके पेट में भी मारा जा रहा था। परिवार को सोमवार सुबह उसकी मौत की सूचना दी गई। अमित के पिता ग्यासी ने बताया कि रविवार शाम को उन्हें भी क्राइम ब्रांच पुलिस उनकी पलवल के जाजरू गांव स्थित ससुराल से पूछताछ के लिए उठा लाई थी।
हिरासत में चार दिनों से अवैध रूप से ले रखा था
हिरासत में 24 घंटे से अधिक समयत तक न रखने का प्रावधान है। इसके बावजूद पुलिस ने 5 जुलाई से उसे हिरासत में ले रखा था। इसके अलावा उसके भाई को भी हिरासत में ले रखा था।