मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पहले योग केवल गुरुकुल की शिक्षा मानी जाती थी। लेकिन आज योग की शिक्षा पूरी दुनिया में दी जा रही है। क्योंकि योग केवल शारीरिक क्रिया ही नहीं बल्कि जीवन आनंद का स्रोत है।
इससे आस्था का भी विकास होता है। मुख्यमंत्री शनिवार को हुडा सेक्टर-12 स्थित ग्राउंड में पतंजलि योग संस्थान द्वारा आयोजित पांच दिवसीय योग शिविर के दूसरे दिन शामिल होने के बाद जनता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि योग साधना भारत की प्राचीन धरोहर है और दुनिया भर में यह हमारी सांस्कृतिक पहचान भी है। योग से शरीर तो निरोग बनता ही है बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा के बीच एक समन्वय भी स्थापित होता है।
जिससे जीवन का आनंद बढ़ता है। तनाव से मुक्ति पाने का बेहतर साधन और कुछ नहीं हो सकता। अभी तक लोग तनाव दूर करने के लिए दवाईयों का सहारा लेते थे लेकिन अब योग से तनाव को दूर किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से 21 जून को योग उत्सव के रूप में मनाने की अपील की।
विश्व में योग प्रसार का श्रेय पीएम व बाबा को
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दुनिया भर में योग के प्रसार और योग के अभ्यास को प्रसिद्धि दिलाने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बाबा रामदेव को दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो वर्ष पहले संयुक्त राष्ट्र संघ में योग को समर्पित एक दिन का प्रस्ताव रखा था। यूएनओ में यह प्रस्ताव न केवल पारित हुआ बल्कि दुनिया भर में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के तौर पर मनाने का निर्णय लिया। आज दुनिया के 177 देश योग के लिए आगे आए हैं।
जिम जाने से मन में परिवर्तन नहीं आता
स्वामी रामदेव ने योगाभ्यास की व्याख्या करते हुए कहा कि जिम में जाकर अभ्यास करने की तुलना में योगाभ्यास अधिक लाभदायक है। जिम में जाने से केवल शरीर स्वस्थ होता है मन नहीं। लेकिन योगाभ्यास करने से शरीर के साथ-साथ मन और आत्मा भी स्वस्थ बनते हैं। बाबा रामदेव ने लोगों से कपालभाती, सूर्य नमस्कार, पद्मासन, मर्कटासन, वक्रासन, मकर आसन, शीर्षासन आदि सरल क्रियाएं प्रतिदिन करने की अपील की। उन्होंने बताया कि नियमित कपालभाती करने से लीवर स्टोन कभी नहीं हो सकता।
सात सौ बीघा जमीन देने का दिया प्रस्ताव:
योग शिविर में आए राजनाथ योगी ने स्वामी रामदेव के आह्वान पर आचार्यकुलम बनाने के लिए सात सौ बीघा जमीन देने का प्रस्ताव दिया। मंच पर मुख्यमंत्री की मौजूदगी में स्वामी रामदेव ने राजनाथ योगी के नेतृत्व में चल रही गौशाला के लिए प्रशंसा भी की।
उन्होंने कहा कि स्वदेशी के बाद अब वे समाज में संस्कार पैदा करने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में काम करने जा रहे है। सामाजिक संगठनों और प्रदेश सरकार के सहयोग से राज्य के हर जिले में आचार्यकुलम खोलने का बाबा ने आश्वासन दिया।
योग में मजहब के नाम पर दीवार खींचना गलत
स्वामी रामदेव ने कहा कि कुछ लोग योग को लेकर मजहब के नाम पर दीवार खींचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन दुबई जैसे इस्लामिक देश में लोगों को योग कराके ऐसे लोगों की गलत फहमियां दूर की जाएंगी। क्योंकि योग को किसी मजहब से जोड़ना उचित नहीं है। आज दुनिया भर में योग लोकप्रिय हो रहा है। उसमें कई इस्लामिक, यहूदी और क्रिश्चियन देश भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई प्रदेशों में मुस्लिम समाज के लोग बड़ी संख्या में योग से जुड़े हैं।