फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूख रही है यमुना: वजीराबाद बैराज का जलस्तर गिरकर 670.70 फुट पर पहुंचा, तीन बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं मिला हरियाणा से जवाब

Sun, 15 May 2022 11:05 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

भीषण गर्मी में दिल्ली पानी की किल्लत से जूझ रही। वजीराबाद तालाब का जलस्तर गिरकर इस साल के न्यूनतम 670.70 फुट के स्तर पर आ गया है। इस संबंध में जल बोर्ड एक पखवाड़े में हरियाणा के सिंचाई विभाग को 12 मई, 3 मई और 30 अप्रैल को तीन पत्र लिख चुका है। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया।
विज्ञापन
काले खां के पास सूखी नदी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चिलचिलाती धूप में यमुना सूख रही है तो हरियाणा से एसओएस कॉल का जवाब नहीं मिल रहा है। पानी की मांग को दिल्ली बामुश्किल पूरा कर पा रहा है। वजीराबाद तालाब का जलस्तर गिरकर इस साल के न्यूनतम 670.70 फुट के स्तर पर है। बृहस्पतिवार को यह 671.80 फीट था। पिछले साल 11 जुलाई को तालाब का स्तर 667 फीट तक गिरने के बाद दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख कर हरियाणा को यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की थी। 
विज्ञापन


जल बोर्ड इस संबंध में एक पखवाड़े में हरियाणा के सिंचाई विभाग को 12 मई, 3 मई और 30 अप्रैल को तीन पत्र लिख चुका है। सीएलसी (कैरियर-लाइन्ड चैनल) और डीएसबी (दिल्ली उप-शाखा) से भी प्रवाह में उतार-चढ़ाव हो रहा है। तालाब का स्तर कम होने के कारण वजीराबाद तालाब से 120 क्यूसेक पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। इससे पानी के उत्पादन और आपूर्ति पर विपरीत असर पड़ेगा। तापमान में बढ़ोतरी होने पर अधिक पानी की जरूरत होती है।

दो दिन पहले भेजे गए एसओएस में कहा गया है कि डीडी-8/नदी मार्ग के माध्यम से अतिरिक्त 150 क्यूसेक कच्चे पानी की आपूर्ति करने का अनुरोध किया जाता है ताकि 120 क्यूसेक कच्चा पानी संकट के इस समय में मानसून के आने तक वजीराबाद तालाब तक पहुंच सके। अधिकारियों का कहना है कि पड़ोसी राज्य से कोई जवाब नहीं आया है। 
विज्ञापन


वजीराबाद, चंद्रवाल और ओखला जल शोधन संयंत्रों की उत्पादन क्षमता घटकर 85 प्रतिशत रह गई है। एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि रविवार को यह और घटकर 75 फीसदी हो सकता है। हमने पानी के राशन का सहारा लिया है ताकि मौजूदा मांग पूरी हो सके। अगर हरियाणा ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और नदी में अतिरिक्त पानी नहीं छोड़ा तो स्थिति और खराब हो सकती है। 
Trending Videos
विज्ञापन

अपनी ग्रीष्मकालीन कार्य योजना का पालन करते हुए, डीजेबी ने पानी की कमी का सामना करने वाले क्षेत्रों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त टैंकरों को तैनात किया है। साथ ही नलकूपों के माध्यम से पानी की आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली सरकार ने पिछले महीने कहा था कि वह बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए गर्मी के मौसम में रोजाना 1,000 मिलियन गैलन पीने के पानी की आपूर्ति करेगी। पहले यह 935 एमजीडी थी। 

पानी की कमी को रोकने के लिए अप्रैल-जुलाई के दौरान 1,198 पानी के टैंकर तैनात किए जाएंगे। हरियाणा दो नहरों - सीएलसी और डीएसबी - और यमुना के माध्यम से दिल्ली को एक दिन में कुल 610 मिलियन गैलन पानी की आपूर्ति करता है। सीएलसी और डीएसबी को मुनक नहर और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के माध्यम से हथिनी कुंड से पानी की आपूर्ति की जाती है। 

दिल्ली को ऊपरी गंगा नहर के माध्यम से उत्तर प्रदेश से 253 एमजीडी प्राप्त होता है जबकि 90 एमजीडी शहर भर में स्थापित कुओं और नलकूपों से प्राप्त होता है। चंद्रावल और वजीराबाद जल उपचार संयंत्रों की क्षमता क्रमश: 90 एमजीडी और 135 एमजीडी है। दो संयंत्र वजीराबाद तालाब से कच्चा पानी उठाते हैं, इसका इलाज करते हैं और दिल्ली छावनी और नई दिल्ली नगर परिषद क्षेत्रों सहित पूर्वोत्तर दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली में आपूर्ति करते हैं। दिल्ली को करीब 1,200 एमजीडी पानी की जरूरत होती है जबकि जल बोर्ड करीब 950एमजीडी की आपूर्ति करता है। सरकार ने जून 2023 तक जलापूर्ति को बढ़ाकर 1,180 एमजीडी करने का लक्ष्य रखा है।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें