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बर्बादी के जख्म छोड़ गई यमुना की बाढ़, धान-बाजरा और सब्जी की 2000 बीघा फसल बर्बाद !

Sun, 25 Aug 2019 10:37 AM IST
शाहरुख खान मनोज कुमार शर्मा, अमर उजाला, जेवर
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बाढ़ से बर्बाद फसल - फोटो : अमर उजाला
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जेवर के हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया लाखों क्यूसेक पानी यमुना में बह चुका है। क्षेत्र छोड़ते यमुना के पानी में अब किसानों की बर्बादी के निशान भी दिखने लगे हैं। पानी में डूबने से बड़े पैमाने पर फसल बर्बाद हुई है। प्रशासनिक अनुमान ही 2000 बीघा फसल बर्बाद होने का है। अब किसान प्रशासन से मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं। 
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जेवर तहसील क्षेत्र में यमुना नदी में आने वाली बाढ़ से बचाव के लिए किनारे बसे गांवों में पुस्ता बनाया गया है। लेकिन हथिनी कुंड बैराज से एक साथ करीब साढ़े आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से क्षेत्र में काफी फसल बाढ़ की चपेट में आ गई। 

गांव झुप्पा, छोटा झुप्पा, पूरननगर, शमशमनगर, कानीगढ़ी, गोविंदगढ़ आदि गांव बाढ़ से खासे प्रभावित हुए हैं। अधिक समय तक पानी में डूबे रहने से सैकड़ों बीघा धान,  बाजरा और सब्जी की फसल बर्बाद हुई है। गनीमत रही कि पुस्ते के कारण कोई जनहानि नहीं हुई। 
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मुआवजे की मांग
पूरन नगर निवासी अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि किसानों ने फसल उगाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। किसानों ने प्रशासन से बर्बाद फसल का सही सर्वे कराने और मुआवजा दिलाने की मांग की है। 
 
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बाढ़ के दौरान किसानों की फसल में हुए जलभराव की विडियो रिकॉर्डिंग कराई गई थी। यमुना का जलस्तर गिरने से फसलों से पानी कम हो रहा है। लेखपालों से सर्वे कराया जाएगा। निर्धारित मानकों के अनुसार किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए कदम उठाए जाएंगे। 
गुंजा सिंह, उपजिलाधिकारी, जेवर 
 
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