-अदालत ने आदेश दिया कि यह राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दी जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। द्वारका कोर्ट ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए एक सड़क हादसे में बस चालक को लापरवाह मानते हुए मृतक युवक के माता-पिता को 28 लाख 18 हजार रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। हादसे में 29 वर्षीय अनूप कुमार उर्फ अनुराग की मौत हो गई थी। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल (एमएसीटी-01) के न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने अपने फैसले में कहा कि यूपी रोडवेज की बस तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाई जा रही थी, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। अदालत ने बस चालक सतेंद्र कुमार और बस मालिक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। अदालत ने आदेश दिया कि यह राशि 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ दी जाएगी। इसमें मृतक की मां को 20 लाख रुपये और पिता को 8.18 लाख रुपये मिलेंगे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि पूरी राशि 30 दिनों के भीतर जमा कराई जाए।
मामले के अनुसार, 28 मार्च 2021 को माइलस्टोन नंबर 99 के पास यूपीएसआरटीसी की एक बस ने पीछे से कार को टक्कर मार दी। कार वृंदावन से लौट रही थी और उसमें कई लोग सवार थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार में बैठे अनूप कुमार की मौत हो गई, जबकि अन्यघायल हो गए। कोर्ट ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर चालक के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। वहीं, बस मालिक ने यह दलील कि कार चालक की गलती से हादसा हुआ, अदालत ने सबूतों के आधार पर खारिज कर दी। मुआवजे की राशि तय करते समय अदालत ने मृतक की आय न्यूनतम मजदूरी के आधार पर मानी और भविष्य की आय को ध्यान में रखते हुए उसमें बढ़ोतरी जोड़ी। इसके बाद आश्रितों के नुकसान, अंतिम संस्कार और अन्य मदों को जोड़कर कुल मुआवजा 28.18 लाख रुपये तय किया गया।