प्राधिकरण के निलंबित इंजीनियर यादव सिंह पर सीबीआई का शिकंजा कसने से उनके करीबियों की नींद उड़ी हुई है। ठेकेदारों की हालत ऐसी हो गई है कि वे एक जगह टिक नहीं रहे हैं और भय सताता रहता है कि पता नहीं कब सीबीआई दस्तक दे दे।
हालांकि, करीबी ठेकेदारों को काली कमाई से खरीदी गई संपत्ति को ठिकाने लगाने का मौका मिल गया, जिनके पास तीन-चार गाड़ियां थी, अब एक ही रखी है।
नवंबर 2014 में जब यादव सिंह के यहां आयकर विभाग का छापा पड़ा था तो ठेकेदारों की लिस्ट भी अधिकारियों के हाथ लग गई थी।