सीबीआई ने नोएडा प्राधिकरण में घोटाले के आरोपी निलंबित चीफ इंजीनियर यादव सिंह के साथ जिन प्राधिकरण कर्मियों को आरोपी बनाया है, उनकी जांच भी अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुरू कर दी है। निदेशालय ने सभी आरोपियों की संपत्ति, बैंक खाते और व्यक्तिगत जानकारी प्राधिकरण से मांगी है।
प्रवर्तन निदेशालय का पत्र प्राधिकरण को आया है, जिसमें निदेशालय ने एपीई देवीराम आर्य, जेई राजीव कुमार, आरडी शर्मा, ओमपाल सिंह समेत आधा दर्जन प्राधिकरण कर्मियों का ब्योरा देने को कहा है।
उनकी संपत्ति, बैंक, खाते और मोबाइल डिटेल शीघ्र देने को कहा है। निदेशालय ने इनके सगे संबंधियों के नाम दर्ज संपत्ति, बैंक खाते और मोबाइल डिटेल देने को कहा है।
जानकारी देने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं की है, लेकिन शीघ्र देने को कहा है। ईडी का पत्र मिलने के बाद प्राधिकरण ने आरोपियों की पूरी जानकारी जुटानी शुरू कर दी है।
29 अप्रैल को सीबीआई कोर्ट में है सुनवाई
यादव सिंह
बता दें, सीबीआई ने पहली चार्जशीट में यादव सिंह व रामेंद्र सिंह के अलावा यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता, एनकेजी के एमडी प्रदीप गर्ग, जेएसपी कंस्ट्रक्शन के पार्टनर पंकज जैन, तिरुपति कंस्ट्रक्शन के मैनेजिंग पार्टनर वीके गोयल, प्राधिकरण के एपीई देवीराम आर्य, जेई राजीव कुमार, आरडी शर्मा व ओमपाल सिंह को आरोपी बनाया है।
इस मामले में सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद में 29 अप्रैल को सुनवाई है। सूत्रों ने सीबीआई की सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी जल्द दाखिल होने की संभावना जताई है।
उनका कहना है कि जांच एजेंसी टेंडरों के अलावा किसानों को दिए जाने वाले पांच फीसदी आवासीय भूखंड और फॉर्म हाउस के कथित घोटाले की भी जांच कर रही है।