जीवित व्यक्ति के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बारे में तो आपने सुना होगा, लेकिन थाना एक्सप्रेसवे की पुलिस मरने के बाद भी अपराधी को बख्शने के लिए तैयार नहीं है। यहां मृतक के खिलाफ पुलिस के चालान जारी करने का मामला सामने आया है।
सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, मूलत: असगरपुर निवासी तारा शर्मा के खिलाफ 27 सितंबर को पुलिस ने सीआरपीसी की धारा-110 जी के तहत चालान भेजा था, जबकि अगस्त में ही उसकी मौत हो चुकी है। जिसकी गवाह खुद इसी थाने की पुलिस है, जिसने तारा की एक्सीडेंटल मौत से संबंधित दस्तावेज भी जारी किए थे।
धारा-110 जी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता से संबंधित है। जिसमें पुलिस संबंधित व्यक्ति पर आपराधिक संलिप्तता के मद्देनजर नजर रखती है। पुलिस को उसे चालान भेजने का अधिकार होता है।
तारा के खिलाफ जुलाई में एक मामला दर्ज हुआ था। अगस्त में उसकी मृत्यु हो गई थी। इस संबंध में सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित चौकी के प्रभारी निरीक्षक से जवाब तलब किया है।