अस्पताल में पिछले छह साल में विभाग प्रमुख प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार के नेतृत्व में रोबोटिक और 3-डी लेप्रोस्कोपी का उपयोग करके कैंसर व पुनर्निर्माण सर्जरी की गई है। इन 200 सर्जरी की वेबकास्ट करने से 12 हजार से अधिक यूरोलॉजिस्ट को अत्यधिक उन्नत प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण दिया गया।
सफदरजंग अस्पताल के यूरोलॉजी, रोबोटिक्स और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग ने 200वां रोबोटिक 3-डी लैप सर्जरी कर विश्व रिकॉर्ड बनाया है। बुधवार को हुई सर्जरी को वेबकास्ट की मदद से दुनियाभर के तीन हजार से अधिक यूरोलॉजिस्ट को ट्रेनिंग मिली।
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अस्पताल में पिछले छह साल में विभाग प्रमुख प्रोफेसर डॉ. अनूप कुमार के नेतृत्व में रोबोटिक और 3-डी लेप्रोस्कोपी का उपयोग करके कैंसर व पुनर्निर्माण सर्जरी की गई है। इन 200 सर्जरी की वेबकास्ट करने से 12 हजार से अधिक यूरोलॉजिस्ट को अत्यधिक उन्नत प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण दिया गया। डॉक्टर इन सर्जरी की संख्या को मेडिकल साहित्य में विश्वस्तर पर नया रिकॉर्ड बता रहे हैं।
सर्जरी के साथ एक अन्य सर्जरी भी साथ में टेबल पर होती है। ऐसे में पिछले छह साल में डॉ. अनूप के नेतृत्व में करीब 400 सर्जरी हो चुकी है। सफदरजंग अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक बुधवार को डॉ. अनूप कुमार ने 200वें अंतरराष्ट्रीय सर्जरी रोबोटिक्स 3-डी लैप वेबकास्ट किया। इसे 20 देशों के 3167 यूरोलॉजिस्ट ने देखा। अस्पताल में हुई इस सर्जरी में मरीज के बड़े हिलर ट्यूमर को रोबोटिक सर्जरी से हटाया गया। मरीज क्रोनिक किडनी से पीड़ित था। इस सर्जरी में किडनी को पूरी तरह से सुरक्षित रखते हुए ट्यूमर को हटाया गया। वहीं, दूसरी सर्जरी में 3-डी लैप बोरी फ्लैप की मदद से मूत्र वाहिनी का इलाज किया गया। यह एक जटिल पुनर्निर्माण सर्जरी रही, इसमें भी किडनी को सफलतापूर्वक बचाया जा सका।
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डॉक्टरों को मिल रही आधुनिक ट्रेनिंग
सफदरजंग अस्पताल की सर्जरी की वेबकास्ट से दुनियाभर में यूरोलॉजिस्ट को अत्यधिक उन्नत प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस बारे में सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीएल शेरवाल ने बताया इस तरह की रोबोटिक/3डी लैप सर्जरी की वेबकास्ट से देश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अत्यधिक उन्नत तकनीक का उपयोग करके रोबोटिक्स और 3-डी लैप में प्रशिक्षण प्रदान कर दुनिया का नेतृत्व कर रहा है। यह वेबकास्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ई स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 20 विभिन्न देशों के साथ भारत भर के 52 मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा है।