लगातार बदल रही लाइफस्टाइल और तनाव की वजह से हर पांचवा व्यक्ति उच्च रक्त चाप से ग्रस्त है। डॉक्टरों की माने तो ओपीडी में आने वाले 50 फीसदी मरीजों को पता ही नहीं होता है कि उन्हें हाइब्लड प्रेशर की शिकायत है।
वहीं करीब 30 प्रतिशत मरीज बीमारी का पता होने के बावजूद भी ब्लड प्रेशर को कंट्रोल नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से ब्रेन स्ट्रोक का खतरा भी दोगुना बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है लाइफ स्टाइल में थोड़ा सा बदलाव करके बहुत हद तक इस बीमारी से बचा जा सकता है। आज विश्व हाइपरटेंशन डे हैं।
वरिष्ठ न्यूरो एवं स्पाइन सर्जन डॉ. राहुल गुप्ता ने बताया कि हाइपरटेंशन की वजह से ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा दोगुना हो जाता है। एक अनुमान के अनुसार हर पांचवा व्यक्ति रक्त चाप से ग्रस्त है। ऊपर का ब्लड प्रेशर हर 10 एमएम हीमोग्राम बढ़ने से इस्कीमिक स्ट्रोक ( नस ब्लड का थक्का जमना ) का खतरा करीब 28 प्रतिशत तथा हैमेरेजिक स्ट्रोक ( नस फटना) का खतरा करीब 38 प्रतिशत बढ़ता है।
अगर आप ऊपर का ब्लड प्रेशर 10 एमएम हीमोग्राम से घटा लेते हैं तो स्ट्रोक होने का खतरा 44 प्रतिशत तक घटा लेते हैं। यदि किसी व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है और उसे काफी अधिक तनाव है तो उसका रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) बढ़ेगा और मस्तिष्क की धमनी रक्तचाप में अधिक वृद्धि का सामना नहीं कर पाएगी और वह या तो फट जाएगी या मस्तिष्क की धमनी में रुकावट पैदा होगी।
सीनियर फिजिशियन डॉ विनय लाबरू ने बताया कि ओपीडी में आने 50 फीसदी मरीजों को पहली बार पता चलता है कि उन्हें हाईब्लड प्रेशर की शिकायत है। जब उनको बताया जाता तब जाकर उसका ट्रीटमेंट करते हैं। वहीं 30 फीसदी मरीज ठीक से इलाज ही नहीं कराते है। जिस वजह से बाद में उनको दिक्कत होती है। लाइफस्टाइल, तनाव, स्मोकिंग, एक्साइज न करना और खाने - पीने में नमक की मात्रा ज्यादा लेना इसकी एक बड़ी वजह है। एक दिन में एक शख्स को 2 ग्राम नमक लेना चाहिए। लेकिन लोग 8 ग्राम तक नमक ले रहे हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- सुबह 30 से 40 मिनट वॉक करें।
- खाने में 2 ग्राम तक नमक का इस्तेमाल करें।
- अगर हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो डॉक्टर से नियममित रूप से जांच कराएं।
- स्मोकिंग और एल्कोहल का इस्तेमाल करने से बचें।