सेक्टर 24 स्थित ईएसआई अस्पताल में माइक्रोटोम मशीन से जांच बंद है। मशीन को ठीक करने का जिम्मा जिस एजेंसी पर है, उसका कहना है कि चूहे ने मशीन की बेल्ट कुतर दी है। ऐसे में मशीन खराब हो गई है।
पैथोलॉजी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक माइक्रोटोम मशीन का इस्तेमाल ऑपरेशन के दौरान निकलने वाली गांठों की जांच के लिए स्लाइड नमूना बनाने के लिए होता है। नमूने की माइक्रोस्कोपिक जांच से पता लगता है कि गांठ किस बीमारी के कारण थी। तीन माह से मशीन बंद है।
ऐसे में पता ही नहीं लग पा रहा है कि जिस मरीज का ऑपरेशन किया गया और गांठ निकाली गई, उसकी गांठ किस बीमारी के कारण थी। मशीन को ठीक करने का जिम्मा जिस एजेंसी पर है, उसने अस्पताल प्रशासन को मशीन खराब होने का कारण चूहे द्वारा बेल्ट काटना बताया है।
हालांकि पैथोलॉजी स्टाफ का कहना है कि मशीन बदलनी न पड़े, इसके लिए कंपनी चूहे को जिम्मेदार ठहरा रही है। चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि मशीन को जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जा रहा है। कंपनी को मशीन ठीक करने के लिए अल्टीमेटम दिया जा चुका है।
आईसीयू और सीसीयू के लिए प्रक्रिया तेज
ईएसआई अस्पताल में आईसीयू और सीसीयू के लिए टेंडर की प्रक्रिया जल्द शुरू होने वाली है। चिकित्सा निदेशक डॉ. नीलिमा ने बताया कि इसी माह टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। वहीं, डायलिसिस यूनिट अस्पताल की दूसरी मंजिल पर बनाई जानी है।
ईएसआई अस्पताल का हाल, मशीन खराब होने के लिए चूहे को ठहरा दिया जिम्मेदार