2000 से ज्यादा स्टाल रहेंगे, जिसमें देश की 11 भाषाओं के 250 से ज्यादा स्टाल भी होंगे और 500 कार्यक्रम और 50 सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर से गुरुवार को प्रेस वार्ता के जरिए यह जानकारी दी गई कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, फ्रांसीसी राजदूत इमैनुएल लेनिन, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद शर्मा, निदेशक युवराज मलिक और आईटीपीओ के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक प्रदीप सिंह खरौला सहित अन्य गणमान्य लोग 25 फरवरी को दोपहर 2.30 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे।
कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) के अध्यक्ष गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस साल मेले की थीम आजादी का अमृत महोत्सव होगी। फ्रांस मेहमान देश के रूप में शामिल होगा। फ्रांस से नोबेल पुरस्कार विजेता एनी एर्नाक्स सहित 16 फ्रांसीसी लेखक और 60 से ज्यादा प्रकाशक और सांस्कृतिक प्रतिनिधि इसमें हिस्सा लेंगे। गोविंद प्रसाद शर्मा ने बताया कि करीब पांच साल पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के बीच हुए समझौते में यह तय हुआ था कि पेरिस विश्व पुस्तक मेले में भारत मेहमान देश होगा और नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में फ्रांस मेहमान देश होगा।
जी-20 और अमृतकाल के रंग में रंगा होगा थीम पवेलियन
एनबीटी के निदेशक युवराज मलिक ने बताया कि पुस्तक मेले में आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कई साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। नए हॉल, नए स्थान और नई सुविधाओं के साथ इस बार का मेला पिछली बार से दो गुना बड़ा होगा। थीम पवेलियन में जी-20 की भव्यता देखने को मिलेगी। शहीद भगत सिंह के पत्रों के मूल प्रारूप सहित ऐसे तमाम महत्वपूर्ण लेख प्रदर्शित किए जाएंगे।
फ्रांसीसी लोगों की भारतीय साहित्य में रुचि- इमैनुएल लेनिन
फ्रांसीसी राजदूत इमैनुएल लेनिन ने कहा कि भारत साहित्य का बड़ा देश है और फ्रांसीसी लोग भारतीय साहित्य में रुचि ले रहे हैं। मेहमान देश बनने पर फ्रांस की तरफ से उन्हें बेहद खुशी है। उन्होंने बतााया कि फ्रांस में 10 हजार से अधिक प्रकाशक व 25 हजार से अधिक बुक स्टोर हैं। कुल 16 पुरस्कार विजेताओं के साथ फ्रांस साहित्य के क्षेत्र में दुनिया में सबसे अधिक नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाला देश है। मेले में नारीवादी लेखक, चिल्ड्रेन बुक्स, नोबल पुरस्कार विजेता लेखकों की किताबें फ्रांस पवेलियन में मिलेंगी। फ्रेंच भाषाओं की विभिन्न विदेशी भाषाओं में अनुवादित किताबें मिलेंगी। 2021 में फ्रांस ने फ्रेंच भाषा की 70 हजार किताबों का विदेशी भाषाओं में अनुवाद कराया है, इनमें से भी ढेरों किताबें यहां होंगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अलग पवेलियन
मेले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति का अलग पवेलियन होगा। यहां नई शिक्षा नीति से जुड़ी हर जानकारी मिलेगी। एंफीथियेटर में किताबों और संस्कृति से जुड़े कार्यक्रम होंगे। युवा लेखकों के लिए ओरियंटेशन कैंप लगेगा। पहली बार किताब लिखने वाले लेखकों की किताबों का यहां अनावरण होगा। बच्चों की गतिविधियां, लेखक मंच, न्यू डेली राइट टेबल पर वैश्विक स्तर वाली 30 देशों की 200 से ज्यादा किताबों का अनावरण होगा। सीईओ स्पीक में जी-20 देशों के साथ अन्य देशों के पब्लिशिंग सीईओ बातचीत करेंगे। एनबीटी के 50वीं वर्षगांठ के मौके पर मेले में इंडिया पोस्ट एनबीटी स्टैंप जारी करेगा।
मेले की महत्वपूर्ण जानकारी
-गेट नंबर चार से 50 कदम की दूरी पर पवेलियन
-प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन की ओर गेट नंबर 10 से फ्री बैटरी शटल
-एक गेट पर चार-पांच पैनल होंगे
-एक ही छत के नीचे मेला आयोजित होगा
-मेडिकल एड, वॉलंटियर, सुरक्षा गार्ड, एनबीटी की टी-शर्ट में लोग, हॉल ऑफीसर, फैसिलिटेटिंग ऑफीसर मदद के लिए होंगे
-बच्चों के लिए 10 रुपये, बड़ों के लिए 20 रुपये का टिकट
-स्कूली ड्रेस में आए बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगों की फ्री एंट्री
-प्रगति मैदान के प्रवेश द्वार और ऑनलाइन www.itpoonline.gov.in पर टिकट मिलेगा।
-मेले का समय- सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक
-पार्किंग- भैरव सिंह मार्ग