जुलाई 2012 में मारुति के मानेसर प्लांट में हुई घटना के बाद अब भी 36 श्रमिक जेल में बंद हैं। उनके परिवारों की खस्ता आर्थिक हालत को देखते हुए मारुति उद्योग कामगार यूनियन ने उनकी मदद के लिए शनिवार को अपना हाथ बढ़ाया। इन सभी श्रमिकों के परिजनों को 50-50 हजार रुपये का चेक वितरित किया गया।
इस प्रकार से यूनियन ने कुल मिलाकर 18 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। यूनियन ने यह राशि मारुति में कार्यरत श्रमिकों की मदद से एकत्र किया गया था। उसी को चेक के तौर पर वितरित किया गया। चेक वितरण कार्यक्रम का आयोजन जेल में बंद 36 श्रमिकों की कोर्ट में पेशी के दौरान किया गया।
इस मौके पर इन श्रमिकों के परिजन भी उनसे मिलने कोर्ट परिसर में मौजूद थे। मारुति उद्योग कामगार यूनियन ने पहले ही यह निर्णय ले लिया था कि कोर्ट में एक साथ आए परिजनों को मौके पर ही सहायता राशि वितरित की जाएगी।
चेक वितरण के दौरान मारुति उद्योग कामगार यूनियन के प्रधान राजेश, महासचिव कुलदीप जांघु, सुजुकी बाइक इंप्लाइज यूनियन के प्रधान अनील कुमार सैनी, मारुति-सुजुकी वर्कर्स यूनियन के प्रधान अजमेर सिंह, महासचिव दौलतराम, सुजुकी पावर ट्रेन इंप्लाइज यूनियन के महासचिव मुकेश सैनी सहित विभिन्न कार्यकारिणी के सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कुलदीप जांघू ने कहा कि यह मारुति कंपनी के श्रमिकों द्वारा छोटा सा प्रयास था। लंबे समय से जेल में बंद श्रमिकों का परिवार काफी परेशान है। इन्हें संबल प्रदान हर श्रमिक का कर्त्तव्य है। यूनियन ने कहा कि कोशिश होगी कि इन परिजनों की सहायता हर संकट के समय की जाए।