अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। महेंद्रा पार्क थाने में एक वकील के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी के विरोध में रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने पांच अक्तूबर को अदालत में कामकाज का पूर्ण बहिष्कार करने का फैसला किया है। इस दिन रोहिणी कोर्ट में वकील न्यायिक कार्य में शामिल नहीं होंगे। रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, 29 सितंबर को एडवोकेट कमलदीप के साथ महेंद्रा पार्क थाने में पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर मारपीट की गई थी। एसोसिएशन ने घटना की निंदा करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद कार्यकारिणी के सदस्यों ने संयुक्त पुलिस आयुक्त, डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश से मामले को लेकर बातचीत की थी। बार का दावा है कि डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया था। हालांकि, पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने के बजाय वकील कमलदीप के खिलाफ ही मामला दर्ज कर दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक
रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव तेहलान ने कहा कि पांच अक्तूबर को विरोध स्वरूप रोहिणी कोर्ट में कोई न्यायिक कार्य नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, किसी भी जिले के पुलिस अधिकारी के रोहिणी कोर्ट परिसर में प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है।