एक अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती एक महिला कैदी ने हंगामा कर दिया। वह अपने परिजनों को फोन करना चाहती थी। मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड ने महिला को ऐसा करने से रोका।
इस पर महिला भड़क गई और कर्मचारियों के साथ हाथापाई शुरू कर दी। इससे सकते में आए अस्पतालकर्मियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
जानकारी पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने जब महिला को शांत करान चाहा तो वह पुलिस वालों से भी उलझ गई। काफी देर बार पुलिसवालों ने ने डॉक्टरों के सहयोग से उसे शांत कराया।
फरीदाबाद के बीके अस्पताल में हुआ ड्रामा
यह ड्रामा फरीदाबाद के बीके अस्पताल के कैदी वार्ड में हुआ। हथीन निवासी कविता अपने पति की हत्या के मामले में काफी समय से नीमका जेल में बंद है।
अस्पताल से मिली जानकारी अनुसार, रविवार को पेट में दर्द और उल्टियों की शिकायत के चलते उसे भर्ती कराया गया। हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण उसे दोपहर को अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया।
यहां जांच करने के बाद डॉक्टर ने महिला का अल्ट्रासाउंड और अन्य जांच करवाने के बाद अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी।
अभी उसी अस्पताल में है महिला कैदी
देखरेख के लिए कविता को तीसरी मंजिल स्थित कैदी वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद महिला ने अपने भाई को फोन करने के लिए कहा।
लेकिन मौके पर कोई पुलिस कर्मी मौजूद नहीं होने पर अस्पताल कर्मचारियों ने उसे बाहर जाने से रोक दिया। इस पर कविता ने कर्मचारियों से साथ हाथापाई शुरू कर दी।
मामला बिगड़ता देख मौके पर डॉक्टरों और पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। पीएमओ डॉ. किशन कुमार ने बताया कि मामले को लेकर पुलिसकर्मियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।