एनएच-24 पर हादसे में 4 साल से मासूम प्रिंस को बचाने वाली सविता खुद खतरे में है। पेट, कूल्हे और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लगने से हालत गंभीर बनी है।
दूसरी ओर निजी अस्पताल में महंगा इलाज कराने में अक्षम परिजनों ने सविता को बृहस्पतिवार सुबह दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया है।
पति झोरू ने बताया कि वह पत्नी सविता के साथ पंचशील कालोनी में रहता है। दोनों की दूसरी शादी है। दोनों निजी कंपनी में काम करते हैं। बुधवार सुबह सविता कंपनी जाने के लिए सड़क पार कर रही थी। इसी दौरान ट्रक की टक्कर से बाइक सवार प्रिंस उछलकर सविता की गोद में आ गिरा था।
इस अप्रत्याशित हादसे से सविता खुद का संतुलन खोकर सड़क पर जा गिरी। इसी से उसे गंभीर चोट लगी। मासूम प्रिंस को भी हादसे के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां देर रात उपचार के बाद उसे छुट्टी दे दी गई।
झोरू ने बताया कि निजी अस्पताल में पैसा जमा न हो पाने पर उन्होंने अब सविता को दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया है। दूसरी ओर एनएच-24 इस हादसे को अंजाम देने वाले ट्रक चालक का पुलिस सुराग नहीं लगा सकी है। घायल सविता के पति झोरू ने भी आरोपी ट्रक चालक के खिलाफ तहरीर दी है।
अपनी जान की परवाह तो करें
एनएच-24 पर अवैध कट के कारण बुधवार को हुई तीन मौतों के बाद भी लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। बृहस्पतिवार को भी लोग हाईवे पर बने अवैध कटों से गुजरते दिखे। अपनी जान जोखिम में डालकर सड़क पार करने वालों में ज्यादा संख्या युवाओं की है।
अवैध कटों के कारण हादसों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बृहस्पतिवार को अमर उजाला की टीम ने हाईवे का जायजा लिया। डासना से लेकर यूपी गेट तक एनएच-24 के बीच में करीब 16 किलोमीटर लंबाई में सेंट्रल वर्ज बनाकर ग्रीन बेल्ट विकसित की गई है।
हाईवे के दोनों ओर शैक्षिक संस्थानों के साथ ही करीब एक दर्जन गांव और विजयनगर, सिद्धार्थ विहार, राहुल विहार, साउथ साइड रोड इंडस्ट्रियल एरिया, छिजारसी, इंदिरापुरम आदि क्षेत्र स्थित हैं। इस क्षेत्रों में आवागमन के लिए निर्धारित जगह में चौराहे-तिराहे बनाए गए हैं
इन तिराहों-चौराहों के बीच भी लोगों ने अवैध कट बना लिए हैं। हाईवे पर लालकुआं के पास कुछ दूर स्थित चौराहे से घूमकर जाने की बजाय टेंपो वाले अवैध कट के जरिए उल्टी दिशा में घुसते हैं। इससे जाम तो लगता ही है हादसे भी होते हैं।