उसने दरवाजा खटखटाया, परंतु किसी ने नहीं खोला। उसने दरवाजे से कमरे के अंदर झांका तो देखा कि चारों बेटियां खून से लथपथ चारपाई पर पड़ी थी और फरमीना तड़प रही थी। खुर्शीद ने शोर मचाया तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
दरवाजा तोड़कर घायलों को संभाला। चारों बच्चियां मृत थी जबकि फरमीना की सांसें चल रही थी। इस पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद सुबह करीब पांच बजे पुलिस को सूचना दी गई। नूंह पुलिस कप्तान नरेंद्र बिजारणिया और पुन्हाना के डीएसपी विवेक चौधरी पुलिस बल के साथ पिपरौली पहुंचे।
शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने और महिला के बयान के बाद ही वारदात के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पहले पति से बेटी को सौपें जाने से तनाव में थी
खुर्शीद का कहना है कि उसकी पत्नी फरमीना की पहले पति से एक बेटी थी, जो करीब दस साल से उसके पास ही रह रही थी। गत 12 नवंबर को उसे उसके परिवार वालों को सौंप दिया था। इस कारण उसकी मानसिक स्थिति कमजोर हो चुकी थी। इसी के चलते उसने चारों बेटियों की हत्या कर खुदकुशी की कोशिश की है।