पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच में ये बात सामने आई है कि आरोपी मनोज की एक वकील दोस्त के जरिये वसंत कुंज में रहने वाली महिला एम. राधा से मुलाकात हुई थी। महिला भी लोन देने का काम करती है। महिला ने मनोज को झांसा दिया था कि वह उसकी रकम को कुछ महीनों में दोगुना करा देगी। उसने झांसा देकर मनोज से 25 लाख रुपये ले लिए।
महिला ने मनोज को एक भी किस्त नहीं दी और पैसे भी नहीं लौटा रही थी। मनोज ने महिला के खिलाफ साकेत थाने में जालसाजी का मामला दर्ज कराया था। साकेत पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया था। हाईकोर्ट ने पैसे लौटाने की शर्त पर उसे तीन महीने पहले ही जमानत दी थी। महिला को हर सप्ताह साकेत कोर्ट में हाजिरी लगाने के लिए कहा गया था। इसके बाद महिला ने मनोज को पांच लाख रुपये का चेक किया। चेक बाउंस हो गया, तो मनोज ने साकेत कोर्ट में केस डाल दिया। इसी मामले की सुनवाई के लिए महिला शुक्रवार को कोर्ट आई थी। यहां पर मनोज ने उससे पैसे मांगे, लेकिन महिला ने पैसे देने से मना कर दिया और मनोज को धमकाने लगी।
रोहिणी कोर्ट में चली थीं ताबड़तोड़ गोलियां
इससे पहले पिछले साल रोहिणी कोर्ट में घुसकर भरी कोर्ट में गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। कोर्ट में वकील की ड्रेस पहने हुए दो शख्स आए और उन्होंने गोगी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दी थीं। टिल्लू गिरोह के शूटरों ने जितेंद्र गोगी की हत्या की थी। इसमें पुलिस ने दोनों शूटरों को मार गिराया था।
कुख्यात बदमाश जितेंद्र उर्फ गोगी को कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। इस पेशी के दौरान वकील की ड्रेस पहने हुए दो लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। जवाबी कार्रवाई में स्पेशल सेल की तरफ से भी गोलियां चलाई गईं, जिसमें दोनों हमलावरों की मौत हो गई। इस तरह वारदात में गैंगस्टर गोगी समेत कुल तीन लोगों की मौत हो गई थी। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जितेंद्र को वर्ष 2020 में गिरफ्तार किया था। काउंटर इंटेलिजेंस टीम ने उसे गुरुग्राम से तीन अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय उस पर दिल्ली पुलिस की तरफ से आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।