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Delhi NCR News: मेडिकल लापरवाही से महिला ने खोया मातृत्व, नर्सिंग होम पर लगा 20 लाख का जुर्माना

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-उपभोक्ता आयोग ने कहा, नर्सिंग होम में तैनात डॉक्टर की लापरवाही का खामियाजा महिला को जीवनभर भुगतना पड़ेगा
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
दिल्ली उपभोक्ता आयोग ने एक अहम फैसले में मेडिकल लापरवाही को गंभीर मानते हुए दरियागंज स्थित एक नर्सिंग होम को महिला मरीज को 20 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने माना कि नर्सिंग होम में तैनात डॉक्टर की लापरवाही के कारण महिला को अपनी गर्भावस्था गंवानी पड़ी और अब वह जीवन भर मां नहीं बन सकेगी। यह मामला समरीन नाम की महिला से जुड़ा है, जिसने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। आयोग की अध्यक्ष दिव्या ज्योति जैपुरियार और सदस्य डॉ. रश्मि बंसल की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। समरीन ने बताया कि जुलाई 2020 में घर पर किए प्रेग्नेंसी टेस्ट में पॉजिटिव आने के बाद वह 24 जुलाई को दरियागंज के फैमिली हेल्थ केयर सेंटर गई थी। वहां डॉक्टर ने बिना किसी अल्ट्रासाउंड या जरूरी जांच के सिर्फ घर के टेस्ट के आधार पर गर्भावस्था की पुष्टि कर दी और दवाएं व इंजेक्शन दे दिए।
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समरीन ने आरोप लगाया कि इसके बाद वह कई बार पेट दर्द और लगातार ब्लीडिंग की शिकायत लेकर डॉक्टर के पास गई, लेकिन हर बार उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। न तो अल्ट्रासाउंड कराया गया और न ही किसी तरह की सही जांच की सलाह दी गई। ट्रीटमेंट शीट में भी कोई स्पष्ट बीमारी दर्ज नहीं की गई और उसे केवल सामान्य दवाएं दी जाती रहीं। 7 सितंबर, 2020 को जब उसकी हालत ज्यादा बिगड़ गई, तब एक दूसरे डॉक्टर ने तुरंत जांच कराने को कहा। जांच रिपोर्ट में मृत भ्रूण पाया गया, जिसके बाद उसे कस्तूरबा अस्पताल ले जाया गया। वहां इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ी और उसकी फैलोपियन ट्यूब निकालनी पड़ी। डॉक्टरों ने बताया कि अब वह दोबारा गर्भधारण नहीं कर सकेगी।
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