पावर कॉरपोरेशन अफसरों के अंदाज निराले हैं। सर्दियों में प्रोग्राम फाइनल होने के बावजूद ट्रांसमिशन लाइन के तार नहीं बदले गए, अब चुनावी सीजन में इनको बदले की डेटलाइन तैयार की गई है।
10 अप्रैल से ट्रांसमिशन की तार बदलने की तैयारी है। इसमें करीब तीन महीने का समय लगेगा। इस दौरान महानगर को सप्ताह में केवल तीन दिन सप्लाई मिलेगी। यह क्रम जुलाई तक चलेगा।
बाकी तीन दिन सप्लाई बंद रखी जाएगी। इसके लिए ट्रांसमिशन अफसरों की 19 मार्च को एमडी के साथ बैठक होगी।
इन कंडक्टर को बदलने के लिए पहले नवंबर-दिसंबर का समय तय किया गया था। इसके लिए डिस्ट्रीब्यूशन अफसरों ने भी सहमति प्रदान कर दी थी, लेकिन ट्रांसमिशन की प्राब्लम के चलते काम शुरू ही नहीं हो सका।
वहीं, चीफ इंजीनियर राशिद अबरार का कहना था किइलेक्शन चल रहा है। इसके बाद गर्मी अपने चरम पर होगी। ऐसे में कंडक्टर बदलने से कानून-व्यवस्था की प्राब्लम आ सकती है। इसकी रिपोर्ट एमडी को भेज दी गई है। 19 मार्च को एमडी आफिस में बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
यह भी जानें-
- ट्रांसमिशन की 18.5 किमी लाइन के कंडक्टर (तार) बदले जाने हैं।
- ट्रांसमिशन की छह करोड़ रुपये की आएगी लागत
- फ्रांस से मंगवाए गए हैं उक्त लाइन के लिए कंडक्टर
- स्टार लाइट कंपनी को दिया गया है कंडक्टर बदलने का ठेका
- कंडक्टर बदलने में लगेगा तीन महीने का समय
- मुरादनगर से लाल कुंआ तक जर्जर है 132 केवीए की लाइन