तीनों नगर निगम में सत्तारूढ़ भाजपा के समक्ष वृद्धावस्था पेंशन गले की हड्डी बन गई है। एक ओर वह काफी अर्से से वृद्धावस्था पेंशन नहीं दे रही है, वहीं दूसरी ओर फर्जी तौर पर पेंशन कराने के मामले प्रकाश में आए हैं।
इस संबंध में उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त ने जाली दस्तावेज से पेंशन कराने के मामले की जांच के आदेश दिए हैं, जबकि दक्षिण दिल्ली नगर निगम के सदन ने सभी पेंशन लेने वालों की जांच कराने का फैसला किया है।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त पीके गुप्ता को गैर कानूनी तरीके से पेंशन लेने की शिकायत मिली है। इस संबंध में उनको पर्याप्त सबूत भी दिए गए हैं। हालांकि यह मामला चार साल पुराना है, मगर उन्होंने इस मामले की जांच के लिए सतर्कता विभाग को आदेश दे दिए हैं। विभाग को दो सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया है।