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पति की जान की भीख मांगती रही पत्नी, भीड़ ने नहीं किया रहम

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भलस्वा डेयरी इलाके में रविवार को रफीकुल की पत्नी फूलजान भीड़ से पति को छोड़ने के लिए रहम की भीख मांगती रही, लेकिन किसी ने उसकी फरियाद नहीं सुनी।
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आरोप है कि यहां कुछ लोगों ने फूलजान से जबरदस्ती करने की भी कोशिश की। इसके बाद वह जेजे कॉलोनी स्थित अपने घर की ओर भागी और अन्य लोगों के साथ घटनास्थल तक  पहुंची, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

रफीकुल दम तोड़ चुका था। परिजनों का आरोप है कि फूलजान से 100 नंबर कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची।

वह पहुंची तो वहां रफीकुल खंभे से बंधा हुआ था

रफीकुल के चचेरे भाई शेख नासिर ने बताया कि मूलरूप से पश्चिम बंगाल निवासी रफीकुल की मां छोटे बेटे शफीकुल के साथ जहांगीरपुरी इलाके में रहती है, जबकि रफीकुल बी-7, जेजे कॉलोनी, भलस्वा डेयरी में पत्नी फूलजान व तीन बच्चों के साथ रहता था।

रफीकुल छोटा-मोटा काम करता था। बताया गया कि रविवार सुबह चाय पीने के बाद वह घर से निकल गया। करीब 10:30 बजे फूलजान के पास एक अज्ञात शख्स ने फोन कर पति को चोरी के आरोप में पकड़ने की बात बताई।

फूलजान जब अपनी बड़ी बहन अरजान के साथ पहुंची तो वहां रफीकुल खंभे से बंधा हुआ था। भीड़ ने ट्रक चालक से लूटे गए पांच हजार रुपये फूलजान से मांगे।
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हथियार से उसके भाई के हाथ की नसें काटी गईं

मना करने पर लोगों ने उसे गोदाम में खींचने की कोशिश की। इस बीच वह पति को छोड़ने के लिए रहम की भीख मांगती रही, लेकिन लोग रफीकुल को पीटते रहे। वहीं नासिर का आरोप है कि धारदार हथियार से उसके भाई के हाथ की नसें काटी गईं।

पीड़ित परिजनों ने रफीकुल पर लगे लूट के आरोप को बेबुनियाद बताया। उसके भाई का कहना था कि रफीकुल ने कभी कोई चोरी या लूटपाट नहीं की। पहले भी पुलिस ने उसे जानबूझकर फंसाया था।

किसी और वजह से उसे पकड़कर पीटा गया और मौत के घाट उतार दिया गया। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रफीकुल पर वर्ष 2011 में हमला कर लूटपाट करने का मामला भलस्वा डेयरी थाने में दर्ज है। उनकी सूचना के मुताबिक रफीकुल लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है।
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