15 साल से कम उम्र में करीब 30 फीसदी लोग तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। हर 3 में से 1 शख्स तंबाकू का इस्तेमाल कर रहा है। ये बात सोमवार को फोर्टिस अस्पताल में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग के वरिष्ठ डॉक्टर गगन सैनी ने कही।
उन्होंने बताया कि तंबाकू में 4000 केमिकल होते हैं। जिसमें से 60 से 70 केमिकल कैंसर की वजह माने जाते हैं। भारत सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन के सर्वे के मुताबिक 26 फीसदी लोग धूम्ररहित तंबाकू का इस्तेमाल करते हैं।
मुंह के कैंसर से पीड़ित 85 फीसदी लोग धूम्रपान करते हैं या फिर तंबाकू चबाते हैं। प्रेस कांफ्रेंस में कैंसर पीड़ित लोग भी आए, जिन्होंने अपने कैंसर दर्द को महसूस करने के बाद कई लोगों का धूम्रपान छुड़वाया दिया ।
अब तक छुड़ाया 6 लोगों का धूम्रपान
66 साल के अजब सिंह ने बताया कि उन्होंने 17 साल की उम्र के बाद से सिगरेट और तंबाकू का सेवन शुरू कर दिया था। 2010 में धूम्रपान छोड़ दिया था। उसके बाद उन्हें मुंह का कैंसर हुआ।
गर्दन हिल तक नहीं पाती थी। वो पल उनकी जिंदगी के सबसे बुरे थे। लेकिन हिम्मत नहीं हारी और पूरा इलाज करवाया और अब पूरी तरह से ठीक हैं। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि अन्य कोई भी इस बीमारी से ग्रस्त हो।
इसलिए जो भी उनके संपर्क में है और धूम्रपान करता है उसको अस्पताल ले जाकर कैंसर के मरीजों से मिलवाते हैं। उनकी हालत देखकर वो खुद ही धूम्रपान छोड़ देते हैं। अब तक उन्होेंने 6 लोगों का धूम्रपान छुड़वा दिया है।