किस्मत भी उन्हीं का साथ देती है जिनके मजबूत इरादे होते हैं। इसे साबित कर दिखाया है दीप्ति कंसल ने। लकवे से ग्रस्त दीप्ति ने अपने मजबूत इरादों से सीबीएसई दसवीं में 10 सीजीपीए हासिल किए हैं।
एमिटी की यह छात्रा आगे चलकर पीसीएम की पढ़ाई कर इंजीनियर बनना चाहती है। मयूर विहार दिल्ली निवासी सेक्टर-44 स्थित एमिटी इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा दीप्ती 2012 में पैरालिसिस की शिकार हो गई थी।
अचानक से उनके पैरों को लकवा मार गया और वह व्हीलचेयर पर आ गईं। इस कारण उनका नियमित तौर पर स्कूल आना-जाना छूट गया। घर में ही शिक्षकों के दिए नोट्स से पढ़ाई करती रहीं।
प्रोजेक्ट जमा करने और परीक्षा के दौरान ही स्कूल जाना हो पाता था। दीप्ति के मुताबिक निजी कंपनी में कार्यरत पिता संदीप कंसल और गृहणी मां प्रीति कंसल के दिए हौसले के कारण ही यह संभव हो सका।