यमुना के लिए बजट से बिना इजाजत फंड खर्च करने के मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने जमकर फटकार लगाई है। बेंच ने सुनवाई के दौरान प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर टिप्पणी में कहा कि यहां बहुत मजाक हो चुका है।
हम किसी भी प्राधिकरण को पैसा बर्बाद करने की इजाजत नहीं दे सकते। इतना समय देने के बावजूद भी प्राधिकरण सही जवाब देने में विफल रहा है। आखिर दिल्ली जल बोर्ड ने दिल्ली गेट नाला पर ऐसा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) क्यों लगाया जो पूरी तरह अपशिष्ट के शोधन में दक्ष नहीं है।
जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने मनोज मिश्रा बनाम दिल्ली सरकार व अन्य के मामले की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। बेंच ने डीजेबी के वकील से कहा कि वह पूरी तैयारी के साथ मंगलवार को स्पष्ट निर्देश लेकर ट्रिब्यूनल के समक्ष हाजिर हों। हम किसी भी तरह का बहाना नहीं चाहते हैं। डीजेबी बीते वित्त वर्ष और मौजूद वित्त वर्ष में सीवेज और जल से जुड़े खर्च का पूरा ब्योरा ट्रिब्यूनल के समक्ष पेश करे।