रविवार को शाम पांच बजे हथिनीकुंड बैराज से 37138 क्यूसेक पानी हर घंटे यमुना में छोड़ा गया। यदि पानी की मात्रा इसी तरह सीमित रही तो दिल्ली बाढ़ के संकट से जल्द बाहर आ जाएगी। मौजूदा समय यमुना के तमाम पुश्तों के ऊपर हजारों लोगों ने बाढ़ राहत शिविरों के अंदर शरण ली है, जिनके लिए रहने, खाने, उपचार व इनके बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रशासन ने इंतजाम किया है। कई समाजसेवी संस्थाएं इसमें लोगों की मदद कर रही हैं। फिलहाल यमुना अभी भी खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर बह रही है। पुराने रेलवे पुल पर 205.33 मीटर खतरे का निशान दर्ज है और शनिवार को यहां शाम छह बजे यमुना का जलस्तर 206.92 मीटर दर्ज किया गया। हालांकि पानी लगातार घट रहा है।
सभी पुल व अधिकतर सड़कें खुलीं-
-सिग्नेटर ब्रिज, वजीराबाद ब्रिज, कश्मीरी गेट ब्रिज, लोहे का पुल, गीता कॉलोनी ब्रिज, विकास मार्ग ब्रिज, निजामुद्दीन ब्रिज, डीएनडी ब्रिज व कालिंदीकुंज ब्रिज खुल गए हैं।
-मध्य दिल्ली में भैरों मार्ग, मथुरा रोड से रिंग रोड को खोल दिया गया है।
-आईटीओ से लक्ष्मी नगर तक विकास मार्ग को खोल दिया गया है।
-शांति वन से गीता कॉलोनी तक निषाद राज मार्ग खुल गया है।
-शांति वन से राजघाट और आईएसबीटी की ओर रिंग रोड का एक हिस्सा खोल दिया गया है।
-बुलेवार्ड रोड, स्लिप रोड, सर्विस रोड, युधिष्ठिर सेतु के एक हिस्से को खोल दिया गया है।
-चंदगीराम अखाड़ा से मुकरबा चौक को खोल दिया गया है।
-चंदगीराम अखाड़ा से आईपी कॉलेज रोड खोल दिया गया है।
ये रास्ते अभी बंद हैं-
-रिंग रोड, मजनू का टीला, आईएसबीटी से शांति वन, आईपी फ्लाईओवर से आईपी डिपो बंद रख गया है।
-रिंग रोड, आईपी डिपो से आईपी फ्लाईओवर से आईएसबीटी, सलीमगढ़ बाईपास, पुराना लोहे का पुल पुस्ता से श्मशान घाट, आउटर रिंग रोड, मुकरबा चौक से वजीराबाद, आईएसबीटी से कश्मीरी गेट रोड बंद है।
बार्डर से मालवाहक वाहनों पर रोक लागू-
सिंघु बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर, राजोकरी बॉर्डर, बदरपुर बॉर्डर, चिल्ला बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, लोनी बॉर्डर, अप्सरा बॉर्डर और भोपुरा बॉर्डर से भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर अभी भी प्रतिबंध जारी है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अगली बैठक में इसपर नया निर्णय लिया जा सकता है।