जिला प्रशासन के लाख दावे और प्रयास मेवात की जनता को अभी भी बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधा मुहैया कराने में नाकाम रहे हैं। हालात ये है कि नूंह शहर से लगते गांव शाहपुर नंगली में लोगों को पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
उपायुक्त के प्रयासों से यहां जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रतिदिन 3 टेंकर पानी भेजा जाता है। लेकिन कई हजार की आबादी वाले इस गांव में इतना पानी नाकाफी रहता है। साधन संपन्न लोगों को पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है तो गरीब आदमी दूषित या खारे पानी से अपना गुजारा करने को मजबूर हैं।
यह गांव जिले के किसी दूर-दराज हिस्से में नहीं बल्कि जिला मुख्यालय नूंह के वार्ड-1 से बिल्कुल लगता हुआ है। जनस्वास्थ्य विभाग शहर के वार्ड-1 तक पेयजल की सप्लाई करता है। लेकिन उसकी नजर इस गांव पर नहीं है।
शाहपुर नंगली गांव की सरपंच फरजाना, समाजसेवी हाजी अब्दुल्ला, जान मोहम्मद, जिया उल हक, मुबीन, उमरदीन, जमशेद, अब्दुल रज्जाक, सुमैया पंचायत मेंबर ने बताया कि उनके गांव में जनस्वास्थ्य विभाग केवल 3 टेंकर पानी प्रतिदिन भेजता है, जिससे पूरी आपूर्ति नहीं होती।
उनके गांव में पहले पल्ला गांव से पाइप लाइन के माध्यम से पानी आपूर्ति होती थी, लेकिन विभाग की लापरवाही से इस लाइन में इतने अवैध कनेक्शन हो गए कि पिछले करीब एक साल से गांव में पानी की एक बूंद तक नहीं आ रही।
विभाग को चाहिए कि वह पल्ला गांव से आ रही लाइन से अवैध कनेक्शन हटवाकर पेयजल आपूर्ति करे, जो काफी आसान और जल्द होने वाला कार्य है। जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता फैसल इब्राहिम का कहना है कि शाहपुर नंगली गांव में वास्तव में पानी की किल्लत है। गांव में पेयजल के स्थाई समाधान के लिए विभाग ने बीवां गांव में ट्यूबवैल लगाकर पाइप लाइन डालने के लिए टेंडर किया हुआ है। जो जल्द खुल जाएगा और काम शुरू कर लोगों को पेयजल आपूर्ति की जाएगी।