डकैती डालने घर में घुसे बदमाशों ने घुसते ही नौ साल के अमन को निशाना बनाया। उसकी कनपटी पर पिस्टल लगाकर घर में रखे आभूषण और नगदी के बारे में पूछा। नहीं बताने पर बदमाशों ने बच्चे को जान से मारने की धमकी दी। इतने में उसकी मां सुशीला चीख उठी। वह गिड़गिड़ाते हुए बदमाशों से बोली कि सब कुछ ले जाओ, सारे पैसे ले लो लेकिन मेरे बेटे को छोड़ दो।
इसके बाद बदमाशों ने घर में रखे गहनों और रुपये के बारे में बालकिशन और सुशीला से पूछना शुरू किया। बदमाश एक-एक कर आलमारी और बक्सों को खंगालने लगे। उनमें रखे सोने के आभूषण और नगदी को बैग में रखते गए।
पीड़ित के मुताबिक, आधे बदमाश वारदात को अंजाम देने में लगे थे तो कुछ परिवार को पिस्टल दिखाकर डरा धमका कर तिजोरी की जानकारी ले रहे थे। किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अचानक यह क्या हो गया।
बदमाश स्थानीय बोली बोल रहे थे। बदमाशों के भागने के बाद जब लोगों ने बाहर जाकर शोर मचाया तो पड़ोसी मौके पर पहुंचे। पुलिस के आने के बाद भी बच्चों और महिलाओं के चेहरे पर खौफ दिख रहा था। सभी भगवान को धन्यवाद दे रहे थे कि बदमाशों ने किसी की जान नही ली।