दिल्ली विश्वविद्यालय में अस्टिटेंट प्रोफेसर की नौकरी करने दिल्ली आई एक नेत्रहीन मुस्लिम महिला ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मदद की मांग की है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक रीम शमसुद्दीन नाम की यह महिला दिल्ली विश्वविद्यालय से संबंध कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद पर काम करती हैं और हाल ही में दिल्ली आई हैं। रीम ने एक शॉर्ट वीडियो बनाया है जिसमें उन्होंने अपनी पीड़ा केजरीवाल को बताई है।
रीम बताती हैं कि इसी साल फरवरी में यहां आईं थीं जिस वक्त नई सरकार बनने की वजह से दिल्ली में चारों ओर सकारात्मक माहौल देख उन्हें बेहद खुशी हुई थी। रीम ने केजरीवाल को भेजे वीडियो में बताया है कि मैं अपने साथ होने वाले भेदभाव के बारे में आप को बताना चाहती हूं।
अचानक पलट गया मकान मालिक
गर्मी की छुट्टियों के बाद जब मैंने कॉलेज ज्वॉइन किया तो रहने के लिए किराए का एक फ्लैट लिया। इसके लिए मैंने मकान मालिक को एडवांस में किराया भी दिया।
जब मैं अपने मां और सामान के साथ वहां रहने पहुंची तो मकान मालिक ने मुझे फ्लैट में जाने से मना कर दिया। उसने कहा कि वह किसी मुस्लिम को मकान किराए पर नहीं दे सकते। रीम कहती हैं कि उन्हें आश्चर्य होता है कि दिल्ली जैसे मेट्रोपॉलिटन शहर में उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है।
वह कहती हैं कि इससे पहले वह आठ साल तक हैदराबाद में रहीं, लेकिन कभी भी धर्म के नाम पर उन्हें इस तरह के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ा।
पूरा कीजिए अपना वादा
रीम का सवाल है कि जब मुझे इस तरह के अनुभव से गुजरना पड़ रहा है तो मेरे उन छात्रों के साथ क्या होगा जो देश के कोने-कोने से दिल्ली में पढ़ने के लिए आते हैं।
केजरीवाल को भेजे अपने वीडियो में इस महिला ने मांग की है कि आम आदमी पार्टी ने वादा किया था कि दिल्ली में सभी धर्मों और क्षेत्रों ये आए लोगों को रहने की जगह मिलेगी और उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा।
मैं उम्मीद करती हूं कि भविष्य में मुझे या मेरे छात्रों को इस तरह की शर्मनाक और अमानवीय घटना का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसलिए आपसे अनुरोध है कि कृपया इस मामले को गंभीरता से देखें।
फोटो व स्टोरी साभार: indianexpress.com