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केजरीवाल कर रहे विजेंद्र गुप्ता को प्रताड़ित, मानसिक प्रताड़ना की शिकायत दर्ज

Sat, 04 Jun 2016 02:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रेसवार्ता में केजरीवाल पर हमला बोलते विजेंद्र गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने दिल्ली सरकार के खिलाफ नार्थ एवेन्यू पुलिस स्टेशन में शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उन्हें लोकसेवक के रूप में अपने दायित्वों का निर्वाहन करने से रोक रहे हैं।
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विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री कार्यालय और सचिवालय ने उन्हें स्टाफ हटाने के बारे में सूचित करने का शिष्टाचार तक नहीं निभाया। यह सरकारी नियमों के खिलाफ है। इसके पीछे मात्र मुख्यमंत्री की दुर्भावना और बदले की भावना व विपक्ष को कमजोर करने की साजिश है।

मुख्यमंत्री का यह रवैया आपातकालीन स्थितियों की याद दिलाता है। जबकि उन्हें नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मंत्री का दर्जा प्राप्त है। प्रत्येक मंत्री के यहां 20 से 30 स्टाफ डाइवर्टेड केपेसिटी में काम कर रहा है। वहीं उनके कार्यालय में मात्र आठ स्टाफ सदस्य डायवर्टेड केपेसिटी में कार्यरत थे। परंतु मुख्यमंत्री को यह हजम नहीं हुआ।
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विस में विजेंद्र गुप्ता के कार्यालय से सभी स्टाफ को हटाया 
दिल्ली सरकार के ऊपर निरंतर हमले करना और आरोपों की झड़ी लगाना दिल्ली विधानसभा में विपक्षी दल को महंगा पड़ गया है। दिल्ली सरकार ने विधानसभा स्थित नेता प्रतिपक्ष कार्यालय से समस्त स्टाफ को हटा दिया है।

दिल्ली सरकार के इस कदम की प्रदेश भाजपा ने कड़ी निंदा की है। पार्टी नेता इस मसले को लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलेंगे। इसके अलावा भाजपा शनिवार को राजघाट पर दिल्ली सरकार को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना करेंगे।

प्रदेश भाजपा कार्यालय में शुक्रवार को संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय व विस में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार को विपक्ष और विरोध स्वीकार्य नहीं है।
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केजरीवाल सरकार को विपक्ष की आवाज सहन नहीं है

इसके संकेत आप नेताओं ने सरकार बनने के बाद ही स्पष्ट तौर पर दे दिए थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में भाजपा विधायक जनता के प्रति अपनी जिम्मेवारी का निर्वाह करते हुए भ्रष्टाचार को उजागर करने का प्रयास कर रहे हैं।

मगर केजरीवाल सरकार को विपक्ष की आवाज सहन नहीं है, जिसके चलते बृहस्पतिवार को केजरीवाल सरकार ने एक सरकारी परिपत्र जारी कर नेता प्रतिपक्ष कार्यालय में नियुक्त सभी कर्मचारियों को हटा लिया। इसके अलावा उनसे सरकारी गाड़ी भी छीनने की कोशिश की गई।

उन्होंने कहा कि विपक्ष सभी राज्यों और लोकसभा में भी जनता से जुड़ी समस्याओं को लगातार उठाता रहा है। भ्रष्टाचार का भी विरोध किया है, मगर ऐसी स्थिति देखने को कभी नहीं मिली कि सत्ताधारी दल नेता प्रतिपक्ष के प्रति इतना प्रतिशोध दिखाते हुए विपक्ष के कार्यालय में नियुक्त स्टाफ व सरकारी गाड़ी को वापस बुला लिया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकार के इस प्रतिशोध के बाद भाजपा विधायकों व कार्यकर्ताओं का केजरीवाल सरकार के भ्रष्टाचार के विरुद्ध संघर्ष का निश्चय अधिक अटल हुआ है।

भाजपा कार्यकर्ता अब सड़क से लेकर सदन तक केजरीवाल शासन में हो रहे घोटालों, विधायकों की अराजकता, शीला दीक्षित सरकार के कार्यकाल के घोटालों की लीपापोती, दिल्ली जल बोर्ड के 400 करोड़ रुपये के पानी टैंकर घोटालों, प्रीमियम बस सेवा घोटाले पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगेंगे।
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