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Delhi NCR News: धर्म विशेष की नहीं, इंसानियत की भाषा है उर्दू

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एमसीडी मुख्यालय में उर्दू दिवस पर सजी अदब की महफिल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी मुख्यालय में उर्दू दिवस का आयोजन उत्साह और साहित्यिक माहौल में किया गया। आयोजित मुशायरे में नामी शायरों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में उप महापौर जयभगवान यादव, स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही और अतिरिक्त आयुक्त पंकज नरेश अग्रवाल भी उपस्थित थे। नेता सदन प्रवेश वाही ने इसे तहजीब और अदब की भाषा बताते हुए कहा कि यह किसी धर्म विशेष की नहीं, बल्कि इंसानियत की भाषा है।
मुशायरे में स्वर्गीय राहत इंदौरी के पुत्र सतलज इंदौरी ने अपनी शायरी से सभागार में जोश भर दिया। कवि मोहन मुन्तजिर, अकमल बलरामपुरी, दमदार बनारसी, मुजम्मिल अयूब और कवयित्री निधि कशिश ने भी अपनी प्रभावशाली रचनाएं प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में उर्दू भाषा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एमसीडी कर्मचारी बलराम शर्मा, हुमा अब्बासी और फरहीन को सम्मानित किया गया।
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उपमहापौर जयभगवान यादव ने कहा कि उर्दू सिर्फ एक जबान नहीं बल्कि गंगा-जमुनी तहजीब की पहचान है, जो दिलों को जोड़ने का काम करती है। स्थायी समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा ने कहा कि उर्दू की खूबसूरती उसकी नजाकत और अदब में छिपी है। हिंदी और उर्दू भाई-बहन हैं।
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