इसे जागरूकता कहें या बदलाव लाने की पहल, गौतमबुद्ध नगर सीट पर शहरी मतदाताओं ने लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में बढ़ चढ़कर अपने मत का इस्तेमाल किया।
इस बार लोकसभा चुनाव में नोएडा विधानसभा से 55.34 प्रतिशत वोट पड़े जो पिछले लोकसभा चुनाव से लगभग 12 फीसदी ज्यादा हैं।
पिछली बार सिर्फ 43.48 फीसदी वोट पड़े थे। लिहाजा शहरी वोटर प्रत्याशियों की हार-सीट में अहम भूमिका निभाएगा।
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ग्रामीण क्षेत्रों में वोटिंग से पहले हुए दल-बदल और जातिगत समीकरणों के कारण भी वोटिंग को प्रभावित होने का कारण माना जा सकता है।
वहीं शहरी लोगों के उत्साह का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इन्होंने कई इलाकों में ग्रामीण मतदाताओं को पछाड़ दिया है।
कई सेक्टरों में 60 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही शहरी क्षेत्रों में वोटरों की लंबी लाइनें दिखने लगीं।
दोपहर 12 बजे तक शहर में 25 फीसदी मतदान हुआ जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 35 फीसदी वोट पड़े। दोपहर में जहां मतदान केंद्रों पर भीड़ कम होने लगती है, वही शहरी वोटर की संख्या लगातार बरकरार रही।
मतदान में शहर के कई वोटरों को परेशानी का भी सामना करना पड़। वोटर आईडी होने के बावजूद कुछ लोगों के नाम सूची से गायब थे। मतदान केंद्र बदलने से भी लोगों को परेशानी का सामना हुआ।