इन क्षेत्रों में कम हो सकते हैं
ग्रामीण व अनधिकृत कॉलोनी वाले विधानसभा क्षेत्र नरेला, बुराड़ी, बादली, रिठाला, बवाना, मुंडका, किराड़ी, विकासपुरी, उत्तम नगर, मटियाला, नजफगढ़, बिजवासन, देवली, बदरपुर, ओखला व करावल नगर में वार्डों की संख्या कम हो सकती है।
बड़े वार्ड के पार्षदों को बजट की होगी दिक्कत
एमसीडी के वार्डों के क्षेत्रफल और उनमें आबादी का अंतर होने का आम लोगों को खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दरअसल पार्षदों को बजट, कर्मचारी व कूड़ा उठाने के लिए वाहन एक समान मिलते है। इस कारण छोटे वार्डों में विकास कार्य के लिए बजट की दिक्कत नहीं होगी, जबकि बड़े वार्डों के पार्षदों को अपने इलाके की समस्याएं दूर कराने के लिए बजट की कमी का सामना करना पड़ सकता है।
एमसीडी में होंगे 250 वार्ड
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एमसीडी के वार्डों की संख्या तय कर दी है। मंत्रालय ने दिल्ली राज्य चुनाव आयोग के आयुक्त की अध्यक्षता में बनाए गए आयोग को 250 वार्ड बनाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा विधानसभा क्षेत्रों में तीन से पांच वार्ड बनाने का आदेश दिया है। आयोग ने गत दिनों इस बारे में मंत्रालय से राय मांगी थी। वर्ष 2007 में एमसीडी में वार्डों की संख्या 134 से बढ़ाकर 272 की थी और जब से एकीकृत एमसीडी के साथ-साथ तीनों नगर निगमों में वार्डों की संख्या 272 ही थी, लेकिन अप्रैल माह में केंद्र सरकार ने तीनों नगर निगम का विलय करके एमसीडी बनाने के दौरान वार्डों की संख्या 272 से घटाकर 250 करने का निर्णय लिया।