जामिया के बाहर प्रदर्शन करते छात्र
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गुजरात दंगों को लेकर बनाई गई प्रतिबंधित वृतचित्र की स्क्रीनिंग को लेकर जेएनयू में हंगामे के बाद बुधवार को जामिया मिल्लिया के बाहर दिन भर हंगामा हुआ। आईसा के छात्र डॉक्यूमेंट्री का जामिया मिल्लिया में भी स्क्रीनिंग करना चहाते थे। जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने इसकी अनुमति नहीं दी।
छात्रों ने जामिया के मुख्य द्वार पर हंगामा करना शुरू कर दिया। इस पुलिस ने चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था। इससे नाराज छात्रों ने हंगामा करना शुरू दिया और मौलाना मो. अली जौहर मार्ग पर जाम लगा दिया। दक्षिण-पूर्व जिला डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया कि पुलिस ने 14 छात्रों को हिरासत में लिया है। देर रात तक उन्हें छोड़ा नहीं था। जामिया मिल्लिया के सामने बुधवार देर रात तक तनाव का माहौल बना हुआ था। भारी सुरक्षा बल तैनात किया हुआ था।
डीसीपी ईशा पांडेय ने बताया कि छात्रों का एक ग्रुप बीसीसी डॉक्यूमेंट्री की जामिया मिल्लिया के अंदर स्क्रीनिंग करना चहाते थे। जामिया मिल्लिया प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। जामिया मिल्लिया प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी थी। छात्रों ने जामिया गेट पर हंगामा करना शुरू कर दिया। जामिया प्रशासन ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जामिया के बाहर भारी संख्या में पुलिसबल व आरएएफ के जवान तैनात किए गए।
पुलिस ने जामिया के गेट नंबर सात के सामने से शाम चार बजे एसएफआई, आईसा व एनएसयूआई के चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया था। इसके बाद जामिया के बाहर सुरक्षा को और बढ़ा दिया गया। जामिया के सामने आंसू गैस छोड़ने वाली मशीनें तैनात कर दी गई थीं। चार कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने के बाद छात्रों ने जामिया के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। छात्र जौहर मार्ग पर बैठ गए और जाम लगा दिया।
जामिया के सामने से छात्रों को हटाने पर उनकी पुलिस से झड़प हुई। पुलिस ने जबरदस्ती छात्रों को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। छात्रों की पुलिस अधिकारियों के साथ नोंकझोंक होती रही और पुलिस छात्रों को हिरासत में लेती रही। पुलिस ने कुल 14 छात्रों को हिरासत लिया। उन्होंने एनएफसी थाने ले जाया गया। देर रात तक छात्रों को हिरासत में रखा हुआ था। हालांकि हंगामे के दौरान किसी को चोट लगने की खबर नहीं है। छात्रों के हंगामे के चलते जौहर मार्ग पर जाम लग गया था। इससे आसपास के मार्गो व इलाकों में देर शाम तक जाम जैसी स्थिति रही।