उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने आदेशों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। आदेशों की लंबित सूची होने पर बिल्डरों के नए प्रोजेक्ट का पंजीकरण नहीं होगा। यूपी रेरा ने सुपरटेक और अंसल बिल्डर के नए प्रोजेक्ट के पंजीकरण पर दिसंबर तक रोक लगा दी है। इसी तरह अन्य बिल्डरों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि सुपरटेक और अंसल बिल्डर के पास लंबित आदेशों की संख्या काफी ज्यादा है। दोनों बिल्डरों को कई बार समय दिया गया साथ ही जुर्माना भी लगाया गया। अब इनके नए प्रोजेक्ट का पंजीकरण नहीं होगा। सभी आदेशों का पालन होने के बाद ही पंजीकरण किया जाएगा। यूपी रेरा में 36 हजार से अधिक खरीदार शिकायत कर चुके हैं। इनमें से करीब 30 हजार शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है, लेकिन ज्यादातर आदेशों का बिल्डरों ने पालन नहीं किया है। आदेश जारी होने के बाद भी खरीदार न्याय के लिए भटक रहे हैं।
यूपी रेरा के 50 प्रतिशत से अधिक आदेश अभी भी बिल्डरों के पास लंबित हैं। खरीदारों की शिकायत पर यूपी रेरा बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) भी जारी कर रहा है। अरबों रुपये की आरसी जारी की जा चुकी है। वहीं यूपी रेरा कई बार बैठक कर बिल्डरों को लंबित आदेशों को पूरा करने का समय दे चुका है, लेकिन उसका भी असर नहीं हो रहा। पिछले साल से अभी तक 50 से अधिक आदेशों में बिल्डरों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। मामले में अब यूपी रेरा ने अब बिल्डरों के नए प्रोजेक्ट के पंजीकरण पर रोक लगाने का फैसला किया है।
आरसी जारी होने पर भी नहीं हो रही वसूली
यूपी रेरा की आरसी पर भी बिल्डरों से वसूली नहीं हो रही है। सभी जिलों में यूपी रेरा की आरसी लंबित है। इसका मुख्य कारण बिल्डरों के बैंक अकाउंट में पैसा नहीं होना है। गौतमबुद्घ नगर में ही करोड़ों रुपये की आरसी लंबित है। प्रशासन 344 करोड़ की संपत्ति भी कुर्क कर चुका है। संपत्ति की नीलामी नहीं हो पा रही है। इस कारण खरीदारों का पैसा फंसा हुआ है। कई खरीदार हाईकोर्ट का रुख कर चुके हैं।
आदेशों का पालन नहीं करने वाले बिल्डरों पर सख्ती की जा रही है। सुपरटेक और अंसल के नए प्रोजेक्ट के पंजीकरण पर दिसंबर तक रोक लगा दी गई है। उसके बाद समीक्षा कर आगे का फैसला लिया जाएगा। - बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा