नोएडा के सेक्टर-24 थाना क्षेत्र में 30 अगस्त को लूटपाट के दौरान सॉफ्टवेयर इंजीनियर सचिन (30) की गोली मारकर हत्या करने की गुत्थी को दिल्ली पुलिस ने सुलझा ली है।
सचिन हरियाणा पुलिस के सब इंस्पेक्टर रणधीर सांगवान का बेटा था। पुलिस ने इस संबंध में गैंग सरगना मोहम्मद मेहफूज उर्फ भूरा (29), गांव हलालपुर, बागपत निवासी मो. आबिद (28), जमालपुरा, अशोक विहार, लोनी निवासी यासिर मुल्ला (22) और दिल्ली निवासी हाजी नसरुद्दीन उर्फ सोनी (50) को गिरफ्तार किया है।
मेहफूज ने अपने साथी मिंटू के साथ मिलकर सचिन व उसके भाई तरुण को गोली मार दी थी। बाद में आरोपी दोनों से चेन लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस को मिंटू की तलाश है। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो पिस्टल, आठ कारतूस, वारदात में इस्तेमाल स्पोर्ट्स बाइक समेत दो बाइक बरामद की हैं।
पुलिस को देख बदमाशों ने चलाई दो राउंड गोलियां
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त बीएस गुर्जर ने बताया कि रविवार देर रात को उनकी टीम को सूचना मिली थी कि नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की हत्या करने वाला गैंग गीता कॉलोनी इलाके में लूटपाट करने आने वाला है।
इसके बाद इंस्पेक्टर केजी त्यागी और एसीपी वाईके त्यागी और अन्य की टीम ने छानबीन शुरू की। इस बीच सोमवार तड़के 5:15 बजे पुलिस की टीम ने गांधी नगर की ओर से आ रही करिज्मा बाइक को रुकने का इशारा किया।
पुलिस की टीम को देखते ही बदमाशों ने दो राउंड गोलियां चला दीं। पुलिस ने किसी तरह बाइक सवार दोनों बदमाशों को काबू किया। आरोपियों की पहचान मेहफूज व आबिद के रूप में हुई।
इस तरह आरोपियों तक पहुंची पुलिस
बाद में दोनों की निशानदेही पर यासिर मुल्ला और हाजी नसरुद्दीन को भी दबोच लिया गया। आरोपियों ने सेक्टर-24 थाना क्षेत्र में हुए हत्याकांड को अंजाम देने की बात कबूली। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि इन लोगों ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में पिछले कुछ दिनों सैकड़ों वारदात की हैं।
इनमें से 40 वारदात की पुष्टि भी पुलिस द्वारा कर ली गई है। सोमवार को ही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को लेकर नोएडा सहित कुछ घटनास्थलों पर पहुंची। बदमाशों ने घटनास्थल की पहचान पुलिस की मौजूदगी में की। उनके बताए घटनाक्रम आरोपी मेहफूज गोकलपुरी इलाके में दुष्कर्म के मामले में भी शामिल रहा है।
वहीं हाजी नसरुद्दीन उर्फ सोनी दिल्ली, यूपी, हरियाणा में दर्जनों मामलों में शामिल रहा है। गांव भड़ाना, झज्जर निवासी सचिन (28) अपने छोटे भाई तरुण (23) व नौकर मोहन के साथ आई-20 कार से गांव से नोएडा लौट रहे थे।
एक गोली सचिन की छाती में लगी थी
सचिन नोएडा की एक एमएनसी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था, जबकि तरुण स्नातक की पढ़ाई कर रहा है। नोएडा सेक्टर-24 थाना क्षेत्र में यह लोग पहुंचे। एनटीपीसी ट्रैफिक सिग्नल के पास बाइक सवार बदमाशों ने कार रुकवाने का प्रयास किया।
सचिन ने जब कार नहीं रोकी तो मेहफूज ने पिस्टल से गोली चला दी। गोली सचिन के हाथ में लगी। बाद में सामने से चलाई दो गोलियों में एक गोली सचिन की छाती में लगी, जबकि दूसरी गोली तरुण के हाथ में लगी। बाद में बदमाश दोनों की चेन लूटकर फरार हो गए। अस्पताल ले जाने पर सचिन को मृत घोषित कर दिया गया।
नोएडा सेक्टर-24 हत्याकांड के बाद खूब हल्ला हुआ। नोएडा एसएसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के मामले में सस्पेंड किया। साथ ही हत्याकांड में बदमाशों का सुराग देने वाले शख्स को एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।