दिल्ली की सत्ता से दो दशक से भी लंबे समय से दूर भाजपा ने इस बार विधानसभा चुनाव में विजय के लिए शंखनाद कर दिया है। चार राज्यों के चुनाव में भले दिल्ली का नंबर सबसे आखिरी है, लेकिन हाईकमान ने शुक्रवार को तीन प्रभारी नियुक्त करने के साथ ही वनवास खत्म करने के जोरदार प्रयास शुरू कर दिए हैं।
हरियाणा, महाराष्ट्र और झारखंड के बाद दिल्ली में विधानसभा का चुनाव होना है। भाजपा हाईकमान के एक साथ सभी राज्यों में चुनावी तैयारी शुरू करने के फैसले ने दिल्ली भाजपा में भी चर्चाओं का दौर शुरू कर दिया है।
हरियाणा और झारखंड में दो चुनाव प्रभारी तैनात किए गए हैं। दिल्ली में दो सह के साथ तीन प्रभारी मिलकर पार्टी की नैया पार लगाएंगे। दिल्ली भाजपा से जुड़े नेताओं की मानें तो हाईकमान ने दिल्ली में मराठी और पूर्वांचली नेताओं को चुनाव की जिम्मेदारी दी है।
स्थानीय नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी न मिलने से कई तरह के कयास भी लग रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान को प्रदेशाध्यक्ष मनोज तिवारी पर पूरा भरोसा है।