सूरज सर्वोदय विद्यालय रानी दुर्गावती स्कूल, किदवई नगर में 11वीं कक्षा के छात्र हैं। लेकिन यह उनकी अधूरी पहचान है। उनकी एक पहचान और भी बन चुकी है। इसी उम्र में वे एक सफल उद्योगपति बनने की राह पर कदम बढ़ा चुके हैं। अपने छह साथियों के साथ मिलकर उन्होंने लोगों को असली प्राकृतिक मसाले पहुंचाने का काम शुरू किया है, जो धीरे-धीरे सफलता की राह पर आगे बढ़ रहा है।
जिस उम्र में छोटे-छोटे बच्चे केवल पढ़ाई करते हैं और पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देख रहे होते हैं, उसी उम्र में ये छात्र न केवल अपनी पढ़ाई कर रहे हैं, बल्कि इसके साथ ही वे एक उद्योगपति बनने की तरफ कदम बढ़ा चुके हैं। यह सब संभव हुआ है दिल्ली सरकार के 'बिजनेस ब्लास्टर्स प्रोग्राम' के अंतर्गत। इस प्रोग्राम के अंतर्गत छात्रों को दो हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जिसे सीड मनी कहा जाता है। इस पैसे का उपयोग कर छात्रों की एक टीम किसी एक रोजगार को अपनाती है और उसे सफल बनाने की कोशिश करती है।
दिल्ली सरकार का दावा है कि अब तक छात्रों की ऐसी 51000 टीमें, जिसमें लगभग 300000 छात्र अपना भविष्य संवारने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, कार्य कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इन टीमों में 1000 सबसे अच्छी टीमों का चयन होगा, अगले चरण में 100 टीमों, और सबसे अंत में 10 टीमों का चयन किया जाएगा। इन्हें पुरस्कृत करने के साथ-साथ बड़ी कंपनियों बड़े-बड़े एंटरप्रेन्योर्स के माध्यम से इनकी कंपनियों में निवेश कराया जाएगा। इससे ये छोटी कोशिश एक बड़े उद्योगपति, एक बड़ी कंपनी को जन्म देने का सफल कारण बन सकती है। दिल्ली सरकार का यह कार्यक्रम देश के अन्य क्षेत्रों में भी आदर्श के रूप में देखा जा रहा है।