ट्रेड यूनियन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल
- फोटो : अमर उजाला
पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट में संशोधन की मांग नहीं मानी जाने पर शहर के सभी निजी अल्ट्रासाउंड सेंटर शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हालांकि सरकारी हड़ताल होने की वजह से शुक्रवार को बीके सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच कराने वाले कम ही पहुंचे।
मालूम हो कि गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (पीसी एंड पीएनडीटी) एक्ट में संशोधन की मांग इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) पिछले साल से कर रही है। आईआरआईए की जिला इकाई ने कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन भी जिला उपायुक्त चंद्रशेखर को सौंपा था।
जिला इकाई के प्रधान डॉ. सत्यपाल जयंत का कहना है कि पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट में संशोधन की मांग पर सरकार केवल आश्वासन ही दे रही है। बृहस्पतिवार को मांग पूरी नहीं की गई इसलिए रेडियोलॉजिस्ट शुक्रवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
उनका आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें छापेमारी के नाम पर रेडियोलॉजिस्ट्स को परेशान करती हैं। दस्तावेज में भूल से हुई गलती पर स्वास्थ्य विभाग की टीम लिंग परीक्षण का आरोप लगाकर सेंटर सील कर देती हैं।
ईमानदार डॉक्टरों को परेशान नहीं किए जाने और एक्ट में लंबे समय से संशोधन के लिए की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि मांगें पूरी नहीं होने तक रेडियोलॉजिस्ट अपने सेंटर नहीं शुरू करेंगे। डॉ. सत्यपाल जयंत ने बताया कि शुक्रवार को कॉरपोरेट अस्पताल और नर्सिंग होम में भी अल्ट्रासाउंड जांच नहीं की गई।