विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देश भर के सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को पत्र लिखकर कहा है कि वे सीबीएसई के एप्लाइड मैथ्स विषय को भी मान्य विषय मानकर छात्रों को ग्रेजुएट प्रोग्राम मेंं दाखिला दें। पत्र मेंं कहा गया है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने हाल में कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए नया विषय एप्लाइड मैथमेटिक्स शुरू किया है। यह सामान्य मैथमेटिक्स विषय की तरह ही ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम में दाखिले के लिए मान्य है।
यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी कुलपतियों को लिखे पत्र में कहा है कि एप्लाइड मैथ्स को मुख्य साइंस कोर्सेज के अलावा ह्यूमेनिटीज व कॉमर्स कोर्स में दाखिले के लिए गणना के दौरान शामिल किया जा सकता है। मालूम हो कि एप्लाइड मैथ्स में 80 फीसदी मार्क्स थ्योरी और 20 फीसदी मार्क्स प्रैक्टिकल के होते हैं।
यूजीसी ने पत्र में कहा है कि यह विषय एक नियमित शैक्षणिक विषय है और इस विषय में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों को दाखिले के लिए पात्रता तय करने को लेकर एग्रीगेट मार्क्स की गणना के लिए शामिल किया जा सकता है। सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से कहा गया है कि वो डिग्री कोर्सेज में छात्रों के दाखिले के लिए इस नए विषय को मान्यता देने को लेकर उचित कार्रवाई करें।
इससे पहले सीबीएसई ने यूजीसी को पत्र लिखकर कहा था कि कुछ विश्वविद्यालय ने इकोनॉमिक्स, कॉमर्स और सोशल साइंस विषयों मेंं दाखिले के लिए गणित विषय की अनिवार्यता तय की है। ऐसी शिकायतें मिल हैं कि कॉलेज और विश्वविद्यालय एप्लाइड मैथ्स को दाखिले के लिए वैध नहीं मान रहे हैं।
सीबीएसई ने कहा कि एप्लाइड मैथ्स विषय भी मैथमेटिक्स की तरह डिग्री कोर्सो मेें दाखिले के लिए मान्य है। इसलिए एप्लाइड मैैथ्स को भी विश्वविद्यालयाें और कॉलेजों मेंं दाखिले के लिए पूरी तरह मान्य माना जाए। साथ ही विश्वविद्यालयों को इस संबंध मेंं दिशानिर्देश भी दिए जाएं।