उबर कैब रेप केस में शुक्रवार को बचाव पक्ष ने अंतिम जिरह करते हुए कहा कि पीड़िता ने कैब बुलाने और उसमें बैठते समय के बारे में अपने तीन बयानों में अलग-अलग समय का जिक्र किया है।
तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष अंतिम जिरह को आगे बढ़ाते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्रा ने कहा कि कैब बुक करने के समय के बारे में पीड़िता के अलग-अलग बयान दिया है।
जिस तरह से मामले की जांच की गई उससे लगता है कि आरोपी को सजा दिलाने के लिए अभियोजन व पुलिस ने मिलीभगत कर रखी है। पीसीआर कॉल रिकॉर्ड के मुताबिक पीड़िता ने रात 1.09 पर कॉल किया था और पुलिस को उस तक पहुंचने में एक घंटे से ज्यादा समय लग गया था।