फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिला एसआई ने बताया शर्मनाक रात का सच

विज्ञापन
विज्ञापन
उबर कैब रेप केस मामले में शनिवार को केस की प्रथम जांच अधिकारी महिला एसआई व मथुरा से आरोपी की कार दिल्ली लाने वाले एसआई से बचाव पक्ष ने जिरह की।
विज्ञापन


महिला एसआई ने अपने बयान में कहा दुष्कर्म मामले की कॉल मिलने पर वह पीड़िता के घर पहुंची थी और उसने ही उसका मेडिकल आदि करवाया था। इस मामले में मंगलवार को पीड़िता के मित्र का बयान दर्ज किया जाएगा।

तीस हजारी स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा के समक्ष शनिवार को उबर रेप केस की प्रथम जांच अधिकारी महिला एसआई अलमा मिंज ने अपना बयान दर्ज करवाया।
विज्ञापन

करीब दो बजे रात पहुंची पीड़िता के घर

जांच अधिकारी अलमा मिंज व आरोपी की कार मथुरा से बरामद करने वाले एसआई संदीप से बचाव पक्ष ने जिरह की। बचाव पक्ष की महिला जांच अधिकारी से मंगलवार को भी जिरह करेगा। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अतुल श्रीवास्तव ने शनिवार को महिला जांच अधिकारी मिंज का बयान दर्ज करवाया।

जांच अधिकारी ने अपने बयान में कहा पांच व छह दिसंबर की रात करीब डेढ़ बजे पीसीआर से रेप की कॉल इंद्रलोक पुलिस चौकी में आयी थी। कॉल के दस-पंद्रह मिनट बाद करीब पौने दो बजे वह पीड़िता के घर पहुंच गयी थी।

उसने पीड़िता की शिकायत लिखी थी और उसके बाद हिंदू राव अस्पताल में पीड़िता का मेडिकल करवाया था। वहां पर डॉक्टर ने पीड़िता के कपड़ों व अन्य साक्ष्यों का पार्सल बनाकर उसके सुपुर्द किया था।

पीड़िता के कपड़े पर नहीं थे खून के निशान

जांच अधिकारी ने अपने बयान में कहा पीड़िता उसे वसंत विहार लेकर गयी थी जहां उसे उसके मित्र ने उसे उबर कैब बुलाकर उसमें बैठाया। जांच अधिकारी ने आठ दिसंबर को पीड़िता का एमएम के समक्ष बयान दर्ज करवाया था।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता आलोक द्विवेदी से जिरह के दौरान जांच अधिकारी मिंज ने कहा उसने पीड़िता से वारदात का सही समय नहीं पूछा था और पीड़िता वारदात का सही स्थान बताने की हालत में नहीं थी।

उसे पीड़िता ने केवल इतना बताया था कि सूनसान जगह पर खड़ी कार में आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया था। उसने अपने बयान में यह भी कहा कि पीड़िता के कपड़ों पर खून आदि के निशान नहीं थे।

जांच अधिकारी ने जिरह के दौरान कहा आरोपी ने वारदात को अंजाम देने से पहले पीड़िता का मोबाइल छीन लिया था लेकिन वह उसने वह मोबाइल उस समय जब्त नहीं किया था। यह मोबाइल उसने आठ दिसंबर को जब्त किया था।
विज्ञापन

नहीं चेक किया था पीड़िता का मोबाइल

पीड़िता ने उसे कार की फोटो दिखायी थी, जांच अधिकारी ने उसका मोबाइल लेकर चेक  नहीं किया था। उसने मोबाइल से कार की फोटो भी नहीं निकलवायी थी।

पेश मामला इंद्रलोक इलाके के 56 बीघा पार्क के नजदीक पांच दिसंबर 2014 को कैब में दुष्कर्म से जुड़ा है। आरोपी दुष्कर्म के बाद पीड़िता को उसके घर के नजदीक छोड़कर फरार हो गया था। पुलिस ने उसे मथुरा से सात दिसंबर को गिरफ्तार किया था।

अदालत ने आरोपी शिव कुमार के खिलाफ 13 जनवरी को दुष्कर्म, अपहरण, मारपीट व धमकी देने संबंधी धाराओं में आरोप तय किए थे। पुलिस ने 19 दिनों में जांच पूरी कर 24 दिसंबर 2014 को चार्जशीट पेश की थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें